
Round The Watch News: देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र में 48 वर्षीय ट्रेडर दीपक गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान अहम खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रोहन प्रजापति (20) ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि कथित तौर पर अनैतिक संबंध बनाने को लेकर हुए विवाद के बाद उसने चाकू से हमला किया। जिससे दीपक की मुलाकात एलजीबीटी-क्यू+ समुदाय के लिए बनाई गई ‘ग्राइंडर’ एप के माध्यम से हुई थी। गौर करने वाली बात यह भी है कि दीपक की पत्नी ने उससे 08 साल पहले तलाक ले लिया था। फिलहाल आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया है और मामले की कई पहलुओं से जांच जारी है।
थाना परिसर से 200 मीटर दूर हुई थी वारदात
यह सनसनीखेज घटना 23 जुलाई की शाम करीब पांच बजे पटेलनगर थाना क्षेत्र स्थित देवऋषि एन्क्लेव में हुई। दीपक गुप्ता अपने घर के अंदर थे, तभी उन पर चाकू से कई वार किए गए। घटना थाना परिसर से महज 200 मीटर की दूरी पर होने के कारण पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। शुरुआती दौर में हत्या के पीछे कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही थीं, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को नया एंगल मिला।
मौके से ही पकड़ा गया आरोपी
हत्या के आरोप में माजरा निवासी 20 वर्षीय बीकॉम छात्र रोहन प्रजापति को घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया गया। परिजनों के अनुसार, उन्होंने चीख-पुकार सुनकर कमरे में पहुंचकर देखा कि दीपक गुप्ता खून से लथपथ पड़े थे, जबकि रोहन के हाथ में चाकू था। इसके बाद परिजनों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
पूछताछ में क्या बोला आरोपी?
सीओ सदर अंकित कंडारी के अनुसार, पूछताछ में रोहन ने बताया कि कथित तौर पर अनैतिक संबंध बनाने की मांग को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर हाथापाई हुई और गुस्से में उसने दीपक गुप्ता पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने हत्या करना स्वीकार किया है, हालांकि उसके बयान का अन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है।
ग्राइंडर ऐप के जरिए हुई थी पहचान, आधिकारिक पुष्टि नहीं
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी और मृतक की पहचान ग्राइंडर (Grindr) ऐप के माध्यम से हुई थी। बताया जा रहा है कि रोहन ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखने के सिलसिले में दीपक गुप्ता के संपर्क में आया था और घटना से पहले भी एक बार उनके घर जा चुका था। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में आधिकारिक तौर पर केवल इतना कहा है कि दोनों के बीच पहले से संपर्क था और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। ऐप से जुड़े दावों की पुलिस ने औपचारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस रिमांड में होगी विस्तृत पूछताछ
पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। जांच अधिकारी अब दोनों के बीच पहले से मौजूद संबंध, घटना से पहले और वारदात के दौरान हुई बातचीत, मुलाकातों तथा पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं।
डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की हो रही जांच
जांच टीम आरोपी के मोबाइल फोन, दोनों के बीच हुई डिजिटल बातचीत, संपर्क के रिकॉर्ड और घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी के बयान की पुष्टि की जा सके और हत्या से जुड़ी हर परिस्थिति स्पष्ट हो सके।
ग्राइंडर (Grindr) ऐप क्या है?
ग्राइंडर (Grindr) एक लोकेशन-आधारित सोशल नेटवर्किंग और डेटिंग ऐप है। इसे मुख्य रूप से ऐसे लोगों के लिए बनाया गया है जो पुरुषों की ओर आकर्षित होते हैं। ऐप के जरिए उपयोगकर्ता आसपास मौजूद अन्य लोगों से प्रोफाइल देखकर चैट कर सकते हैं और आपसी सहमति से मिल सकते हैं।
यह ऐप मुख्य रूप से इन समुदायों के बीच लोकप्रिय है:
-समलैंगिक (Gay) पुरुष
-उभयलिंगी (Bisexual) पुरुष
-ट्रांसजेंडर और कुछ अन्य LGBTQ+ उपयोगकर्ता
-ऐसे अन्य लोग जो पुरुषों के साथ संबंध या बातचीत करना चाहते हैं
LGBTQ+ समुदाय क्या है?
LGBTQ+ विभिन्न लैंगिक पहचान (Gender Identity) और यौन अभिरुचि (Sexual Orientation) वाले लोगों के लिए एक सामूहिक शब्द है।
L – Lesbian: ऐसी महिला जो महिलाओं की ओर आकर्षित होती है।
G – Gay: ऐसा व्यक्ति (अधिकतर पुरुष) जो अपने ही लिंग के लोगों की ओर आकर्षित होता है।
B – Bisexual: ऐसा व्यक्ति जो एक से अधिक लिंग के लोगों की ओर आकर्षित हो सकता है।
T – Transgender: जिसकी लैंगिक पहचान जन्म के समय निर्धारित लिंग से अलग हो।
Q – Queer/Questioning: Queer उन लोगों के लिए व्यापक शब्द है जो पारंपरिक लैंगिक या यौन पहचान की श्रेणियों में स्वयं को सीमित नहीं मानते। Questioning उन लोगों के लिए प्रयोग होता है जो अपनी पहचान को समझने की प्रक्रिया में हैं।
+ (प्लस): इसमें अन्य पहचानें भी शामिल हैं, जैसे Intersex, Asexual, Pansexual आदि।
क्या ग्राइंडर सिर्फ LGBTQ+ लोगों के लिए है?
मुख्य रूप से यह ऐप LGBTQ+ समुदाय, विशेषकर पुरुष-पुरुष डेटिंग के लिए बनाया गया है। हालांकि कोई भी व्यक्ति ऐप डाउनलोड कर सकता है, लेकिन इसका प्रमुख उद्देश्य इसी समुदाय के लोगों को आपस में जोड़ना है।
भारत में स्थिति
भारत में समलैंगिक संबंध (सहमति से, वयस्कों के बीच) कानूनी हैं। 2018 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने आईपीसी की धारा 377 के उस हिस्से को निरस्त कर दिया था जो सहमति से बने समलैंगिक संबंधों को अपराध मानता था। हालांकि, भारत में अभी समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं है।



