
Rajkumar Dhiman, Dehradun: बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए बड़े भू-भाग में प्लॉटिंग और विकास कार्य करने वालों के खिलाफ मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने दो दिन में करीब 200 बीघा भूमि पर कार्रवाई की। गड़ूल-सूर्यधार में करीब 150 बीघा और बद्रीपुर, धर्मावाला, हरबर्टपुर में करीब 40 से 50 बीघा क्षेत्र में किए जा रहे अनधिकृत भू-विन्यास और प्लॉटिंग के विरुद्ध प्राधिकरण की टीम ने कार्रवाई की।
ग्राम गड़ूल, सूर्यधार, रानीपोखरी में विशाल मनवाल और कोठारी नाम से संबंधित प्रकरण में बिना आवश्यक तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए करीब 150 बीघा भूमि पर भू-विन्यास, सड़क निर्माण और सीमांकन समेत अन्य विकास कार्य किए गए थे। शिकायत मिलने पर एमडीडीए ने स्थल निरीक्षण कराया। निरीक्षण में बड़े भू-भाग में अनधिकृत विकास कार्य पाए जाने के बाद उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के प्रावधानों के तहत वाद दायर किया गया। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
एमडीडीए के अनुसार उक्त स्थल पर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। 7 जुलाई 2026 को अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया था। इसके बाद कराए गए निरीक्षण में पहले सामने आए करीब 50 बीघा के अतिरिक्त करीब 150 बीघा भूमि में भी भू-विन्यास संबंधी कार्य पाए गए।
बद्रीपुर में 40-50 बीघा में प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर
इसके अगले दिन ग्राम बद्रीपुर, धर्मावाला, हरबर्टपुर में समीर कुरैशी/भू-स्वामी द्वारा बिना तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए करीब 40-50 बीघा क्षेत्र में प्लॉटों का चिन्हीकरण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार वाद दायर किया। सुनवाई और नियमानुसार कार्रवाई के बाद एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची और अनधिकृत प्लॉटिंग व उससे जुड़े विकास कार्यों को ध्वस्त किया।
एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के भूमि का विकास, प्लॉटों का चिन्हीकरण, सड़क निर्माण, सीमांकन अथवा बिक्री के उद्देश्य से कॉलोनी विकसित करना अनुमन्य नहीं है। प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि भूखंड खरीदने से पहले संबंधित भूमि, ले-आउट/तलपट मानचित्र और एमडीडीए की स्वीकृतियों की जांच जरूर करें।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति भू-विन्यास, प्लॉटिंग अथवा निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। जहां भी नियमों का उल्लंघन कर अनधिकृत विकास पाया जाएगा, वहां नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों को ऐसी शिकायतों पर त्वरित जांच के निर्देश दिए।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि बिना स्वीकृत तलपट मानचित्र के प्लॉटिंग करना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। गड़ूल-सूर्यधार और बद्रीपुर में निरीक्षण व अभिलेखों के परीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। अनधिकृत विकास गतिविधियों की निगरानी जारी है और नियम विरुद्ध कार्य मिलने पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।



