
Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड कांग्रेस की राजनीति से जुड़े पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह के भाई चमन सिंह का एक कथित ऑडियो वायरल होने की चर्चा है। इसमें बालकराम नाम के व्यक्ति से बातचीत के दौरान पहले उसकी दोनों बेटियों के कांग्रेस में आने को लेकर बात होती सुनाई देती है। बातचीत आगे बढ़ने के साथ ही माहौल तल्ख होता जाता है। इसके बाद कथित तौर पर एक अन्य व्यक्ति बातचीत में शामिल होता है और बालकराम को गाली-गलौज करते हुए धमकाता सुनाई देता है।
वायरल ऑडियो में बातचीत की शुरुआत बालकराम की दोनों बेटियों के कांग्रेस में आने के मुद्दे से होती है। चमन सिंह कथित तौर पर कहते हैं कि बालकराम की दोनों बेटियां कांग्रेस में आएंगी। इस पर बालकराम जवाब देते हैं कि वे तो पहले से ही कांग्रेसी हैं। इसके बाद चमन सिंह कहते हैं कि वे उनकी बात नहीं सुन रही हैं और यह ठीक नहीं है।
बताया जा रहा है कि इसी मुद्दे पर बातचीत के दौरान दोनों तरफ से तेवर तल्ख होने लगते हैं। बात आगे बढ़ती है तो चमन सिंह कथित तौर पर कहते हैं कि उन्हें अब बालकराम से बात नहीं करनी है।
बातचीत में दूसरे व्यक्ति की एंट्री, गाली-गलौज और धमकी का आरोप
ऑडियो का सबसे विवादित हिस्सा इसके बाद शुरू होता है। कथित तौर पर चमन सिंह की तरफ से एक अन्य व्यक्ति बातचीत में शामिल होता है। यह व्यक्ति बालकराम को बुरी तरह धमकाता और गाली-गलौज करता सुनाई देता है। बातचीत में अपशब्द भी सुनाई देने का दावा किया जा रहा है।
इस घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर दोनों बेटियों के कांग्रेस में आने को लेकर ऐसा क्या विवाद हुआ कि सामान्य बातचीत का लहजा कथित तौर पर धमकी और गाली-गलौज तक पहुंच गया? दूसरे व्यक्ति को बातचीत में शामिल करने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या यह किसी पुराने विवाद का नतीजा है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है?
ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि जरूरी
फिलहाल इस कथित ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि, बातचीत की पूरी पृष्ठभूमि और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में बालकराम की ओर से कोई शिकायत दर्ज कराई गई है या पुलिस ने कोई कार्रवाई की है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि चमन सिंह और प्रीतम सिंह की ओर से इस वायरल ऑडियो पर क्या प्रतिक्रिया आती है। यदि ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि होती है, तो बातचीत में कथित धमकियों और गाली-गलौज के मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण होगी।



