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आरक्षण से उपजी असमानता पर समानता मंच का राष्ट्रीय अधिवेशन आज, दून में भरी जाएगी हुंकार

जातिगत आरक्षण समाप्त करने, सामान्य वर्ग आयोग के गठन और पुरानी पेंशन बहाली पर होगा विमर्श

Amit Bhatt, Dehradun: देश में जातिगत आरक्षण व्यवस्था और नौकरियों में पदोन्नति नीति को लेकर उठ रही असमानता की आवाजें अब राष्ट्रीय मंच से गूंजेंगी। अखिल भारतीय समानता मंच का राष्ट्रीय एवं प्रांतीय संयुक्त अधिवेशन 12 अक्तूबर (रविवार) को स्काई गार्डन (ले. कमांडर शहीद अनंत कुकरेती मार्ग), नत्थनपुर, देहरादून में आयोजित किया जा रहा है।

इस अधिवेशन में उत्तराखंड सहित महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल और पंजाब जैसे राज्यों से मंच के प्रतिनिधि भाग लेंगे। अधिवेशन की अध्यक्षता इंजीनियर एम. नागराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे, जबकि शाम्भवी पीठम् हरिद्वार के पीठाधिपति स्वामी आनंद स्वरूप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। से.नि. आईएफएस डॉ. वी.के. बहुगुणा, पूर्व प्रमुख सचिव, त्रिपुरा विशिष्ट अतिथि होंगे, और श्री एस.एस. वल्दिया, पूर्व अपर सचिव, उत्तराखंड सरकार, विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

जातिगत आरक्षण समाप्ति और संवैधानिक सुधार पर केंद्रित होगा पहला सत्र
अधिवेशन का पहला सत्र सुबह 11 बजे प्रारंभ होगा। इसमें मंच की गतिविधियों और भावी कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ-साथ जातिगत आरक्षण की समाप्ति, तथा अनुसूचित जाति/जनजाति (एट्रोसिटी) एक्ट की तथाकथित दोषपूर्ण धाराओं को संविधान से हटवाने के लिए एक राष्ट्रीय रणनीति तैयार की जाएगी।

मंच का कहना है कि आरक्षण अब अपने मूल उद्देश्य से भटक चुका है और इसे “योग्यता आधारित समान अवसर नीति” से प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए। मंच इस पर व्यापक जन-आंदोलन की रूपरेखा पेश करेगा।

राज्य स्तरीय मुद्दों पर भी बनेगी रणनीति
सत्र में राज्य सेवा भर्ती प्रणाली से जुड़े कई अहम प्रस्ताव रखे जाएंगे। मंच की मांग है कि नियुक्तियों के रोस्टर में पहला पद अनारक्षित रखा जाए। पदोन्नति में आरक्षण व्यवस्था को समाप्त कर इसके लिए नया एक्ट बनाया जाए और समूह ग और घ के पदों की भर्तियां उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की जगह सेवायोजन कार्यालयों के माध्यम से पूर्व की तरह की जाएं।

इसके अलावा मंच राज्य के गोल्डन कार्ड धारकों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रस्ताव रखेगा, जिसके तहत प्रत्येक पंजीकृत अस्पताल में रोगी पंजीकरण, ओपीडी, दवाएं, जांच और सभी चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी।

सामान्य वर्ग आयोग और पुरानी पेंशन योजना पर भी चर्चा
अधिवेशन में देशभर में पूर्ण संवैधानिक अधिकारों से युक्त “सशक्त सामान्य वर्ग आयोग” के गठन की मांग को भी केंद्रीय विषय बनाया जाएगा। मंच का तर्क है कि जैसे अन्य वर्गों के आयोग हैं, वैसे ही सामान्य वर्ग के हितों की रक्षा के लिए भी संवैधानिक निकाय की आवश्यकता है।
साथ ही, पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने का प्रस्ताव भी अधिवेशन के एजेंडे में शामिल है।

दूसरे सत्र में होंगे संगठनात्मक चुनाव, आंदोलन को नई धार
अधिवेशन के दूसरे सत्र में राष्ट्रीय और प्रांतीय कार्यकारिणियों का चुनाव संपन्न कराया जाएगा, जिसमें उत्तराखंड इकाई के पदाधिकारियों का चयन भी शामिल रहेगा। अधिवेशन की जानकारी देते हुए प्रांतीय अध्यक्ष विनोद कुमार धस्माना और प्रांतीय महासचिव जगदीश प्रसाद कुकरेती ने बताया कि समानता मंच का उद्देश्य “जातिगत विभाजन के बजाय समान अवसर की संवैधानिक व्यवस्था स्थापित करना” है। उन्होंने कहा कि मंच देश के विभिन्न राज्यों में इस दिशा में संवाद और आंदोलन चला रहा है, और देहरादून अधिवेशन इस अभियान की दिशा तय करेगा।

यह अधिवेशन ऐसे समय में हो रहा है जब देश में आरक्षण नीति, पेंशन व्यवस्था और नौकरियों में पारदर्शिता को लेकर बहस तेज है। मंच का यह सम्मेलन इन विषयों पर राष्ट्रीय विमर्श को नई दिशा दे सकता है।

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