ब्रेकिंग: दून का बड़ा हिस्सा एमडीडीए के प्रतिबंध से मुक्त, कैबिनेट ने लगाई मुहर
एडमिन सिटी के नाम पर मार्च 2023 से निर्माण और जमीनों की खरीद-फरोख्त में प्रतिबंध झेल रहे रायपुर के बड़े हिस्से को राहत
Rajkumar Dhiman, Dehradun: जिस राजधानी देहरादून में चौतरफा निर्माण की बाढ़ आ रखी है, वहां का एक बड़ा हिस्सा ढाई साल से अधिक समय से फ्रीज जोन का हिस्सा था। फ्रीज जोन में जमीनों की खरीद फरोख पर रोक थी और भवन निर्माण के नक्शे भी पास नहीं किए जा रहे थे। ऐसे में जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, इसका एक विपरीत असर यह भी पड़ रहा है कि फ्रीज जोन में अवैध निर्माण बढ़ गए। जिन पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की तलवार भी लटकी। दूसरी तरफ जमीनों की रजिस्ट्री न होने से सरकार को राजस्व का भी नुकसान होता रहा। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की कैबिनेट ने नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए फ्रीज जोन से छूट प्रदान कर दी है। अब संबंधित क्षेत्रों में छोटे घरों और दुकानों के निर्माण की अनुमति दे दी गई है।
मार्च 2023 में राज्य कैबिनेट में लिए गए निर्णय के मुताबिक रायपुर से लेकर हरिद्वार रोड तक 11 क्षेत्रों को फ्रीज जोन घोषित कर दिया गया था। ताकि यहां विधानसभा, सचिवालय और विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यालयों का निर्माण किया जा सके। लेकिन, ढाई साल से अधिक समय से इस दिशा में कुछ नहीं किया जा सका। दूसरी तरफ अकारण लंबा प्रतिबंध झेलने से जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। तमाम लोग रोक के बावजूद अवैध निर्माण करने को विवश हो गए। क्योंकि, वैध तरीके से निर्माण के लिए सभी रास्ते बंद थे। यह स्थिति दून के सुनियोजित निर्माण के लिए भी उचित नहीं मानी गई।
06 माह में बनना था मास्टर प्लान, अब तक पता नहीं
जब रायपुर और इससे सटे क्षेत्रों को फ्रीज जोन घोषित किया गया था, तब सरकार ने संबंधित क्षेत्र का मास्टर प्लान बनाने के लिए 06 माह का समय दिया था। इस प्लान अब अभी तक कुछ भी प्रगति नहीं हो पाई है। फिलहाल अभी यह इंतजार और लंबा खिंच सकता है।
राज्य संपत्ति विभाग ने अपने नाम किया था वन भूमि हस्तांतरण
रायपुर क्षेत्र में विधानसभा, सचिवालय आदि के रूप में एडमिन सिटी विकसित करने के लिए राज्य संपत्ति विभाग ने वन भूमि का हस्तांतरण अपने नाम पर किया था। लेकिन, इसके बाद अधिकारी अपेक्षित तेजी नहीं दिखा पाए। जिसके चलते वन भूमि हस्तांतरण और इसी क्रम में अन्य औपचारिकताओं की पूर्ति की समय अवधि बीत गई। अब दोबारा से प्रकरण पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के स्तर पर लंबित है।
इन क्षेत्रों में लगा था प्रतिबंध
रायपुर, नेहरूग्राम (आंशिक), चक तुनवाल मियांवाला, नथुवावाला, मियांवाला, हर्रावाला, बालावाला, हर्रावाला का दूसरा भाग (आंशिक), कुंआवाला, नकरौंदा, गूलरघाटी (आंशिक)
कैबिनेट ने इन प्रस्तावों पर भी लगाई मुहर
– मिनी आंगनवाड़ी को बनाया जाएगा आंगनवाड़ी। सुपरवाइजर पद पर प्रमोशन में 50% पद सीधे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से भरे जाएंगे
– स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक की 5 साल संतोषजनक सेवा पूर्ण होने पर अन्य जनपद में एक बार किया जा सकेगा तबादला।
– समान नागरिक संहिता के तहत विवाह के रजिस्ट्रेशन के लिए नेपाली, भूटानी और तिब्बती नागरिकों के लिए विदेशी नागरिक पंजीकरण प्रमाण पत्र होगा स्वीकार्य।
– पदोन्नति में शिथलीकरण प्रस्ताव को मंजूरी, कार्मिक की सेवाकाल में एक बार लाभ मिलेगा ।
– विधानसभा के मानसून सत्र के सत्रावसान को मंजूरी दी गई
– उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 साल पूरा होने पर विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया।
– राज्य में सार्वजनिक क्षेत्र के सभी निगमों को अपने शुद्ध लाभ का 15 प्रतिशत राज्य सरकार को देना होगा



