बोगस बिलिंग के जरिए GST घोटाला, सेलाकुई में तीन फर्मों पर स्टेट टैक्स की बड़ी कार्रवाई
फर्जी खरीद दिखाकर ITC का खेल, छापे में 50 लाख की तत्काल वसूली

Rajkumar Dhiman, Dehradun: औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में फर्जी लेन-देन के जरिए सरकार को चूना लगाने का मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) की टीम ने एक साथ कार्रवाई करते हुए दो ट्रेडिंग और एक मैन्युफैक्चरिंग फर्म को बेनकाब किया है, जो बोगस बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ उठा रही थीं।
विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि कुछ फर्में वास्तविक कारोबार किए बिना या फर्जी सप्लायर्स के नाम पर खरीद दिखाकर कर देयता कम कर रही हैं। इसी इनपुट के आधार पर आयुक्त राज्य कर सोनिका के निर्देश पर उच्चाधिकारियों की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई।
धरातल पर नहीं मिले सप्लायर, कागजों में चल रहा था कारोबार
छापेमारी के दौरान जांच में खुलासा हुआ कि जिन प्रतिष्ठानों से माल की खरीद दर्शाई जा रही थी, वे मौजूद ही नहीं थे। कुछ मामलों में पूरी तरह फर्जी बिल तैयार कर टैक्स भुगतान दर्शाया गया, ताकि उसी के आधार पर ITC का लाभ लिया जा सके या आउटपुट टैक्स से समायोजन किया जा सके।
कार्रवाई के दबाव में 50 लाख रुपये मौके पर जमा
कर चोरी पकड़े जाने के बाद फर्म संचालकों ने ₹50 लाख की राशि मौके पर ही सरकारी खाते में जमा कराई। हालांकि विभाग का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर कर अपवंचन की कुल राशि कहीं अधिक निकल सकती है।
कई और फर्में रडार पर
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे उपायुक्त सुरेश कुमार ने बताया कि यह केवल शुरुआत है। प्रारंभिक जांच के आधार पर कई अन्य फर्मों को निगरानी में रखा गया है, जिन पर आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई हो सकती है।
बोगस रजिस्ट्रेशन पर लगाम के लिए नए कदम
आयुक्त राज्य कर सोनिका ने कहा कि फर्जीवाड़े को रोकने के लिए बायोमेट्रिक आधारित रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू की गई है। इसके अलावा ऑल इंडिया ड्राइव के तहत टैक्स चोरी और बोगस बिलिंग करने वालों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी
इस संयुक्त कार्रवाई में उपायुक्त सुरेश कुमार, टीकाराम चन्याल, निखिलेश श्रीवास्तव, असद अहमद, अनुराग पाठक और बीएस जंगपांगी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।



