विज्ञान के ज्ञान को मॉडलों से नन्हें बच्चों ने धरातल पर उतारा, साकार हुई नवाचार की परिकल्पना
राजकीय प्राथमिक विद्यालय तपोवन के बच्चों ने विज्ञान शिक्षिका के मार्गदर्शन में दिखाया वैज्ञानिक दृष्टिकोण का दम

Round The Watch News: विज्ञान सिर्फ एक विषय नहीं, बल्कि जीवन का सार है। जो हमें हमारे होने का मतलब समझाता होता है। किसी बात को स्वीकारने या नकारने के पीछे का तर्क देता है। इस प्रकृति के हर एक रहस्य का हमें सटीक जवाब देता है। सीधे शब्दों में कहें तो किसी भी देश के विकास में विज्ञान का ज्ञान ही निर्णायक भूमिका निभाता है। कुछ इसी उद्देश्य से इंस्पायर्ड अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन केंद्र और राज्य सरकार के तत्वावधान में सभी शिक्षण संस्थानों में किया गया। राजकीय प्राथमिक विद्यालय तपोवन, मुनिकीरेती (टिहरी गढ़वाल) ने भी इस आयोजन में अपनी बढ़ चढ़कर भागीदारी निभाई।
स्कूल के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने दो दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी में विज्ञान शिक्षिका मधु बाला के मार्गदर्शन में बखूबी अपनी वैज्ञानिक जिजीविषा और नवाचारी सोच का प्रदर्शन किया।
बच्चों ने सौरमंडल, जल चक्र, ज्वालामुखी, पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र, तंत्रिका तंत्र सहित कई तरह के 3D और चार्ट मॉडल तैयार किए और उनकी कार्यप्रणाली भी प्रभावी तरीके से समझाई।
सीआरसी वंदना, पूर्व सीआरसी पूर्णानंद बहुगुणा और जीआईसी तपोवन के वरिष्ठ विज्ञान शिक्षक विनोद द्विवेदी ने बच्चों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें विज्ञान के प्रति जिज्ञासा व नवाचार की प्रेरणा दी।
सभी ने विज्ञान शिक्षिका मधु बाला की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने बच्चों में बेहतर तरीके से विज्ञान के प्रति रुचि जगाते हुए आगे बढ़ने को प्रेरित किया है। क्योंकि सभी मॉडल बेहतर तरीके से न सिर्फ बनाए गए, बल्कि उनका उन्नत प्रदर्शन भी किया गया।
विज्ञान प्रदर्शनी में प्रधान अध्यापिका अर्चना बिजल्वाण, यूपीएस शिवपुरी से किरण उनियाल, सुनीता शाह समेत विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष दीपिका भंडारी व विभिन्न अभिभावक शामिल रहे।
यह प्रदर्शनी बच्चों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मक सोच और प्रायोगिक सीख का सुंदर उदाहरण रही। बच्चों की मेहनत, उत्साह और नवाचार को भी सभी ने सलाम किया और उम्मीद जताई कि वह विज्ञान के क्षेत्र में देश के कर्णधार बनेंगे।
आपको बता दें कि इंस्पायर्ड अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी के तहत यह आयोजन प्रदेशभर के स्कूलों में किया गया। इसी के अनुरूप तपोवन के प्राथमिक विद्यालय में यह आयोजन एक उत्सव की भांति आयोजित किया गया। जो बताता है कि छात्रों में बचपन से ही नवाचारी गुण विकसित करने को केंद्र और राज्य सरकार की मंशा को फलीभूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है।




