वीडियो: सरकारी शिविर बना सियासी अखाड़ा, विधायक और जिला पंचायत सदस्य में तू-तू मैं-मैं
सल्ट क्षेत्र में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में जलपान व्यवस्था को लेकर खड़ा हुआ विवाद

Rajkumar Dhiman, Dehradun: अल्मोड़ा जनपद के सल्ट क्षेत्र में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर उस समय विवाद का केंद्र बन गया, जब मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधि आपस में भिड़ गए। मछोड़ स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित शिविर में भाजपा विधायक महेश जीना और जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी के बीच तीखी बहस हो गई, जिससे पूरा माहौल तनावपूर्ण हो उठा।
कार्यक्रम के दौरान जनसमस्याओं और विकास योजनाओं पर चर्चा चल रही थी। इसी बीच जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी अपनी बात रख रही थीं, तभी विधायक महेश जीना ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते गरमागरम बहस में बदल गई।
मंच पर बढ़ते तनाव का असर नीचे बैठे समर्थकों पर भी दिखा और स्थिति को संभालने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। अंततः पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य को शिविर स्थल से दूर कराया, जिसके बाद कार्यक्रम औपचारिक रूप से आगे बढ़ पाया।
विवाद की वजह क्या रही?
शिविर परिसर में भोजन, चाय-पानी और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने आपत्ति जताई थी। प्रशासन का कहना था कि ये व्यवस्थाएं शिविर परिसर के बाहर की जानी चाहिए थीं। विधायक महेश जीना का आरोप है कि निर्देशों के बावजूद जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया और इसे राजनीतिक लाभ व सहानुभूति हासिल करने के लिए तूल दिया गया।
वहीं, हंसा नेगी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दूर-दराज से आए ग्रामीणों की सुविधा के लिए जनसहयोग से चाय-पानी और भोजन की व्यवस्था की गई थी। उनका कहना है कि शिविर की जानकारी पहले से दी गई थी और लोगों की जरूरतों को देखते हुए यह व्यवस्था की गई थी, जिस पर आपत्ति जताना अनुचित था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक द्वारा इन व्यवस्थाओं पर आपत्ति जताने से ही माहौल बिगड़ा।
क्षेत्र में तेज हुई राजनीतिक चर्चाएं
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लोग इसे केवल प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीति से जुड़ा टकराव मान रहे हैं। सरकारी शिविर, जो आमतौर पर जनता की समस्याओं के समाधान का मंच होता है, वह इस बार सियासी टकराव की वजह से चर्चा का विषय बन गया।



