crimeDehradunUttarakhand

गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या में पुलिस अफसर का भाई गिरफ्तार, शूटरों को पहुंचाई मदद

पुलिस अफसर के आरोपी भाई को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून ला रही पुलिस

Rajkumar Dhiman, Dehradun: गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में उत्तराखंड पुलिस को एक अहम सफलता मिली है। पुलिस ने झारखंड के जमशेदपुर स्थित बागबेड़ा इलाके से राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया है, जो एक पुलिस अधिकारी का भाई बताया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जा रहा है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि राजकुमार सिंह के बैंक खाते से हरिद्वार में शूटरों द्वारा किराए पर ली गई बाइक का भुगतान किया गया था। इसी वित्तीय लेन-देन को आधार बनाकर पुलिस ने उसे हत्या की साजिश में सहयोगी आरोपी मानते हुए हिरासत में लिया। वह पिछले चार दिनों से पुलिस कस्टडी में था।

सूत्रों के अनुसार, केस के अनुसंधानकर्ता अधिकारी (आईओ) की अनुपस्थिति के चलते राजकुमार सिंह को तत्काल उत्तराखंड पुलिस को सौंपा नहीं जा सका। बाद में आईओ के पहुंचने पर अदालत में सबूत पेश किए गए, जिसके बाद कोर्ट ने ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर उसे देहरादून पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

और गिरफ्तारियों की तैयारी
पुलिस इस हत्याकांड में और भी बड़ी कार्रवाई के संकेत दे रही है। जांच में जमशेदपुर के एक गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बागबेड़ा क्षेत्र के विशाल सिंह, आशुतोष सिंह और आकाश प्रसाद की पहचान की जा चुकी है। पुलिस का दावा है कि इन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।

13 फरवरी को हुई थी हत्या
13 फरवरी 2026 को देहरादून में सिल्वर सिटी मॉल के पास हुई फायरिंग में गैंगस्टर विक्रम शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई थी। विक्रम शर्मा मूल रूप से उत्तराखंड के काशीपुर जिले के बाजपुर क्षेत्र का निवासी था, हालांकि उसकी आपराधिक गतिविधियों का नेटवर्क मुख्य रूप से जमशेदपुर में सक्रिय था।

प्रकरण के अहम बिंदु
-फाइनेंशियल ट्रेल से खुला राज़: इस केस में बैंक ट्रांजैक्शन को मुख्य सबूत बनाना दिखाता है कि अब संगठित अपराध में आर्थिक नेटवर्क पुलिस की प्राथमिक जांच लाइन बन चुका है।
-इंटर-स्टेट क्राइम लिंक: उत्तराखंड और झारखंड के बीच आपराधिक नेटवर्क का जुड़ाव इस केस को अंतरराज्यीय संगठित अपराध का उदाहरण बनाता है।
-साजिश का ढांचा: केवल शूटर ही नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक सपोर्ट (बाइक, फंडिंग, ठिकाने) देने वाले लोगों पर फोकस करना पुलिस की रणनीति में बदलाव को दर्शाता है।
आने वाले खुलासे: पुलिस सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में फंडिंग चैनल, शूटर नेटवर्क और मास्टरमाइंड से जुड़े बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button