
Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून के ननूरखेड़ा क्षेत्र स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में हुए हमले के मामले में पुलिस ने 04 लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए लोगों में एक ऐसा व्यक्ति भी शामिल है, जो पहले से आपराधिक रिकॉर्ड (हिस्ट्रीशीटर) में दर्ज बताया जा रहा है। जिससे गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि ऐसा व्यक्ति विधायक उमेश शर्मा काऊ के साथ क्या कर रहा था।
पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। प्रकरण की जानकारी देते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने स्पष्ट किया कि जांच में जिस किसी की भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
कैसे शुरू हुआ विवाद
सूत्रों के अनुसार, एक स्कूल का नाम भूमिदान करने वालों के नाम पर रखे जाने को लेकर उत्पन्न विवाद के चलते शनिवार को रायपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि इसी दौरान प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ मारपीट की गई और उन पर कुर्सियां फेंकी गईं।
मुकदमे और शिकायतें
घटना के बाद रायपुर थाने में शिक्षा निदेशक की तहरीर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, देर रात विधायक के सुरक्षाकर्मी सुधीर बहुगुणा ने भी अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दी। तहरीर में बताया गया कि विवाद के दौरान भीड़ में से किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन उठाकर विधायक की ओर फेंका, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। आरोप यह भी है कि कुछ लोगों ने नारेबाजी कर माहौल भड़काया और कमरे को बाहर से बंद कर दिया, जिससे विधायक और सुरक्षाकर्मी अंदर फंस गए।
पुलिस जांच जारी
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, मामले में दर्ज तहरीर, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। हिरासत में लिए गए हिस्ट्रीशीटर का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है और पूरे घटनाक्रम में उसकी भूमिका की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और सख्ती से की जाएगी, ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।



