चमोली की रेखा ने दिल्ली में कराई फर्जी ईडी रेड, घरेलू सहायिका गिरफ्तार
350 सीसीटीवी कैमरे खंगालते हुए आरोपी रेखा तक पहुंची पुलिस, समेटा गया माल बरामद

Rajkumar Dhiman, Dehradun: दक्षिणी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके में बुजुर्ग दंपति के घर फर्जी ईडी रेड कराने की साजिश को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने घरेलू सहायिका रेखा देवी, जो मूल रूप से चमोली (उत्तराखंड) की रहने वाली है, और उसकी ननद पूजा राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पिछले दो वर्षों से बुजुर्ग दंपति के घर में घरेलू कामकाज के बहाने उनकी दिनचर्या पर नज़र रख रही थीं।
कैसे खुली फर्जी रेड की पोल
वारदात 11 फरवरी की है, जबकि सूचना 13 फरवरी को पुलिस को मिली। बुजुर्ग दंपति के घर तीन लोग ईडी अधिकारी बनकर घुसे और रेड के नाम पर घर की नकदी, ज्वेलरी और कीमती घड़ियों को टेबल पर जमा करवाया।
इसी दौरान घर की बुजुर्ग सदस्य ऊषा सबरवाल, जो पूर्व चिकित्सक हैं, ने सूझबूझ दिखाते हुए छिपकर अपने पोते कुणाल सबरवाल (ईडी में वकील) को फोन कर दिया। कुणाल ने तुरंत बता दिया कि यह रेड असली नहीं है। शोर होने पर नकली अधिकारी करीब चार लाख रुपये, 6–7 महंगी घड़ियां लेकर फरार हो गए।
350 सीसीटीवी खंगालकर पहुंची पुलिस चमोली की रेखा तक
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने लगभग 350 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी से बाहर निकलती नीली बलेनो कार से सुराग मिला। तलाश करते-करते टीम वैशाली के सेक्टर-4 पहुंची, जहां संदेह सीधे घरेलू सहायिका रेखा देवी पर गया। जांच में साफ हुआ कि जिसके घर पुलिस पहुंची थी, वह रेखा देवी की ननद पूजा राजपूत का है। छापेमारी में पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया और वहां से नकदी, 6–7 कीमती घड़ियां, एक पिस्टल, ITBP डिप्टी कमांडेंट की फर्जी यूनिफॉर्म और ID बरामद किए।
मुख्य आरोपी अब भी फरार
फर्जी ईडी रेड की योजना रेखा और पूजा ने मिलकर बनाई थी, जबकि रेड को अंजाम देने वाला मुख्य आरोपी प्रकाश कुमार—जो ITBP में कांस्टेबल है—अब भी फरार है। उसकी तलाश में दिल्ली-उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड में टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस का मानना है कि बुजुर्ग दंपति के घर में दो वर्षों तक काम करने के दौरान रेखा ने पूरी जानकारी इकट्ठा की और उसी आधार पर यह नकली रेड रची गई।



