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गुरुकुल छात्रावास में 12 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के दोषी शिक्षक को 20 वर्ष का कारावास, सह-आरोपी दोषमुक्त

वर्ष 2021 का है मामला, घटना के बाद अभिभावकों में छात्रावासों के प्रति बढ़ी थी असुरक्षा की भावना

Round The Watch News: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक कोर्ट रजनी शुक्ला की अदालत ने गुरुकुल छात्रावास में 12 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आरोपी शिक्षक जनार्दन बिंजोला उर्फ जगत कुमार को 20 वर्ष के कारावास और 95 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य व गवाहियों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध अपराध सिद्ध होता है। इस मामले में सह-आरोपी ओपर्णा उर्फ दोपी संगमा को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।

छात्रा को अपने कमरे में बुलाकर किया था दुष्कर्म
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार के अनुसार, नेहरू कॉलोनी थाने में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 12 और 10 वर्षीय दो बेटियां एक गुरुकुल में अध्ययनरत थीं और छात्रावास में रहती थीं। 17 जुलाई 2021 को छात्रावास से फोन कर उसके बेटी की तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई। वहां पहुंची मां को बड़ी बेटी ने बताया कि 16 जुलाई 2021 की रात शिक्षक जनार्दन बिंजोला उसे अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। छात्रा ने यह भी कहा कि आरोपी के साथ मौजूद ओपर्णा उर्फ दोपी संगमा ने घटना के दौरान सहयोग किया और किसी को बताने पर धमकी दी। शिकायत के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

अदालत में क्या हुआ
अभियोजन पक्ष ने अदालत में मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता का बयान, छात्रावास से जुड़े साक्ष्य तथा 8 गवाहों की गवाही
प्रस्तुत की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि पीड़िता ने अदालत में अपने बयान में एक अन्य छात्रा के साथ भी दुष्कर्म होने की बात कही थी। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, पीड़िता के बयान और अभियोजन के तर्कों का मूल्यांकन कर मुख्य आरोपी को दोषी माना। सह-आरोपी के संबंध में अभियोजन के साक्ष्य पर्याप्त न पाए जाने पर उसे दोषमुक्त कर दिया गया।

विशेष न्यायाधीश ने आदेश में कहा कि आरोपी जनार्दन बिंजोला उर्फ जगत कुमार को 20 वर्ष कारावास की सजा दी जाती है।
उस पर 95,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास निर्धारित किया गया है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि का उपयुक्त हिस्सा पीड़िता के पुनर्वास हेतु उपयोग किया जाए।

केस की टाइमलाइन (अदालत के रिकॉर्ड के आधार पर)
16 जुलाई 2021 — घटना
17 जुलाई 2021 — शिकायत, FIR दर्ज
2021 — दोनों आरोपी गिरफ्तार
2021–2024 — गवाह, साक्ष्य, चिकित्सा रिपोर्ट प्रस्तुत
2026 — अंतिम बहस और निर्णय
मुख्य आरोपी दोषी, सह-आरोपी दोषमुक्त

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