राज्यपाल ने चार घंटे किया हेलीकॉप्टर का इंतजार, फिर कार से गैरसैण रवाना
मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर में नहीं थी जगह, सीएम को गैरसैण उतारने के बाद वापसी में मौसम ने नहीं दिया साथ

Rajkumar Dhiman, Dehradun: श्रीनगर में हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद उत्तराखंड के राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) दोपहर एक बजे से शाम करीब 05 बजे तक इंतजार करते रहे। जब हेलीकॉप्टर सेवा के आसार नजर नहीं आए तो वह पांच बजकर पांच मिनट पर गैरसैण के लिए सड़क मार्ग रवाना हो गए।
राज्यपाल ने रविवार दोपहर को देहरादून से गैरसैण के लिए हेलीकॉप्टर से उड़ान भरी थी। हालांकि, हेलीकॉप्टर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई और आपात स्थिति को देखते हुए पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए इमरजेंसी के तौर पर श्रीनगर स्थित जीवीके हेलीपैड पर सुरक्षित लैंडिंग करा दी थी।
हेलीकॉप्टर के उतरते ही मौके पर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हलचल बढ़ गई। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत राज्यपाल को तत्काल श्रीनगर स्थित पुलिस गेस्ट हाउस ले जाया गया। ताकि हेलीकॉप्टर की जांच और उड़ान के अन्य बंदोबस्त किए जा सकें।
विकल्प के तौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हेलीकॉप्टर भी था, लेकिन उसमें जगह नहीं थी। फिर तय किया गया कि सीएम को गैरसैण पहुंचाने के बाद हेलीकॉप्टर वापस राज्यपाल को लेने आएगा।
सूत्रों के मुताबिक वापसी में मौसम अनुकूल नहीं पाया गया। फिर तय किया गया कि राज्यपाल सड़क मार्ग से ही आगे बढ़ेंगे। रवानगी से पहले राज्यपाल करीब चार घंटे पुलिस गेस्ट हाउस में ही रहे।



