सीएम योगी आदित्यनाथ की मां पर अभद्र टिप्पणी में थाना लक्ष्मणझूला में तहरीर, उत्तराखंड में आक्रोश
मौलाना की अभद्र टिप्पणी वायरल होने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही उत्तराखंड में भी तीव्र आक्रोश

Round The Watch News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की माता को लेकर सार्वजनिक मंच से की गई कथित अभद्र टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद उत्तराखंड में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। इस मामले में पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर क्षेत्र की निवासी डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी ने Laxman Jhula Police Station में लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में क्या कहा गया
डॉ. सुनीता बौड़ाई विद्यार्थी का आरोप है कि मौलाना अब्दुल्ला सालिम नामक व्यक्ति ने एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की वृद्ध माता को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की माता का राजनीति से कोई संबंध नहीं है और वह एक सम्मानित बुजुर्ग महिला हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच से उनके बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना न केवल असंवेदनशील है, बल्कि समाज में अनावश्यक तनाव भी पैदा कर सकता है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही थाना प्रभारी से तत्काल संज्ञान लेकर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध भी किया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
बताया जा रहा है कि मौलाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह बयान रमजान के दौरान बिहार में आयोजित एक धार्मिक जलसे के मंच से दिया गया था। वीडियो में उन्होंने मुख्यमंत्री से जुड़े एक विवादित मुद्दे का जिक्र करते हुए कुछ ऐसे शब्द कहे, जिन्हें लेकर लोगों में नाराजगी फैल गई। हालांकि आपत्तिजनक भाषा होने के कारण बयान के कई हिस्सों को सार्वजनिक रूप से साझा करते समय सेंसर किया जा रहा है।
मौलाना की सफाई भी सामने आई
विवाद बढ़ने के बाद मौलाना अब्दुल्ला सालिम ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी सफाई दी है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह एडिट किया गया है और उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है। कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना या किसी के परिवार का अपमान करना नहीं था। मौलाना का दावा है कि वे हमेशा समाज में भाईचारे और हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करते रहे हैं।
इस विवाद के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई स्थानों पर शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। वहीं दूसरी ओर मौलाना के समर्थकों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वायरल वीडियो का वास्तविक संदर्भ क्या था। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए हैं और इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।



