गढ़वाल में गैस सिलेंडरों की जमाखोरी पर छापे, पौड़ी में पिकअप से 35 और कीर्तिनगर से 9 सिलेंडर जब्त
प्रशासन की कार्रवाई से जमाखोरों में मचा हड़कंप, एफआईआर भी दर्ज की गई

Divij Bahuguna, Dehradun: गढ़वाल मंडल में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध उपयोग और भंडारण पर प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। जिलाधिकारियों के निर्देश पर पौड़ी गढ़वाल और टिहरी जनपद में पूर्ति विभाग व प्रशासन की संयुक्त टीमों ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पौड़ी जिले के कोटद्वार में एक पिकअप वाहन से 35 गैस सिलेंडर बरामद किए गए, जबकि टिहरी जिले में कीर्तिनगर में छापेमारी के दौरान 9 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए।
कोटद्वार में पिकअप चालक पर एफआईआर
पौड़ी गढ़वाल की जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देश पर जिलेभर में गैस आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने और घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने के लिए औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया।
कोटद्वार के लालबत्ती चौराहे पर उपजिलाधिकारी संदीप कुमार के नेतृत्व में नायब तहसीलदार, बाट-माप निरीक्षक और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की संयुक्त टीम ने एक पिकअप वाहन को रोककर जांच की। जांच के दौरान वाहन से 20 खाली व्यावसायिक गैस सिलेंडर और 15 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद हुए। टीम ने सिलेंडरों को जब्त कर लिया है और वाहन चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिलेभर में 203 प्रतिष्ठानों की जांच
अभियान के दौरान प्रशासनिक टीमों ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में 203 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इनमें 8 गैस गोदाम, 3 पेट्रोल पंप, 189 व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल रहे। जांच में अनियमितता मिलने पर दो मामलों में 4600-4600 रुपये यानी कुल 9200 रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जबकि दो घरेलू गैस सिलेंडर भी जब्त किए गए।
श्रीनगर, दुगड्डा और धुमाकोट में भी जांच
श्रीनगर में सीओ पुलिस अनुज कुमार, तहसीलदार दीपक भंडारी और पूर्ति निरीक्षक विवेक कैन्तुरा की टीम ने एक गैस गोदाम और दो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। यहां अवैध रूप से उपयोग में लाए जा रहे दो घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में भी जांच अभियान चलाया गया।
दुगड्डा क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप और 16 प्रतिष्ठान
पौड़ी क्षेत्र में 11 प्रतिष्ठान
धुमाकोट व नैनीडांडा में एक गैस गोदाम और 19 प्रतिष्ठान
चाकीसैंण क्षेत्र में 16 प्रतिष्ठान
कोट व खोलाचौरी क्षेत्र में 10 प्रतिष्ठान
चैलूसैंण क्षेत्र में 7 प्रतिष्ठान
पाबौ क्षेत्र में 13 प्रतिष्ठान
लैंसडाउन क्षेत्र में 8 प्रतिष्ठान
वहीं उपजिलाधिकारी रेखा आर्य के नेतृत्व में सतपुली क्षेत्र में 13 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। कई क्षेत्रों में पेट्रोल पंप और प्रतिष्ठानों की जांच की गई। पूर्ति विभाग की टीमों ने नौगांवखाल, पोखड़ा, थलीसैंण, उफरैंखाल, रिखणीखाल और लक्ष्मणझूला क्षेत्रों में भी निरीक्षण किया। यहां गैस गोदामों, पेट्रोल पंपों और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
टिहरी में यहां से 9 सिलेंडर जब्त किए
टिहरी गढ़वाल जिले में कंट्रोल रूम में मिली शिकायत के बाद जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश पर कीर्तिनगर क्षेत्र में छापेमारी की गई। पूर्ति निरीक्षक, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सुमन जनरल स्टोर और देव नेगी जनरल स्टोर में जांच की। छापे के दौरान सुमन जनरल स्टोर से 3 घरेलू खाली सिलेंडर और 5 किलो के 3 खाली सिलेंडर, देव नेगी जनरल स्टोर से 3 घरेलू खाली सिलेंडर बरामद हुए। कुल 9 गैस सिलेंडर जब्त कर भारत गैस सर्विस कीर्तिनगर के प्रबंधक के सुपुर्द किए गए।
जांच में अवैध रीफिलिंग नहीं मिली
छापेमारी के दौरान दुकानदारों ने बताया कि ये सिलेंडर आसपास के उपभोक्ताओं ने भरवाने के लिए अस्थायी रूप से दुकानों में रखे थे। मौके पर पहुंचे उपभोक्ताओं ने भी इसकी पुष्टि की। जांच के दौरान एलपीजी की अवैध रीफिलिंग या पेट्रोल-डीजल की अवैध बिक्री का कोई मामला सामने नहीं आया और मौके पर रीफिलिंग से संबंधित कोई उपकरण भी नहीं मिला।
भविष्य के लिए सख्त चेतावनी
टीम ने दुकान संचालकों को कड़ी चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह गैस सिलेंडर रखने या किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गैस की पर्याप्त उपलब्धता, अफवाहों से बचने की अपील
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि जनपद पौड़ी गढ़वाल में संचालित सभी गैस एजेंसियों पर घरेलू एलपीजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही अफवाह फैलाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि घरेलू गैस की बुकिंग निर्धारित 25 दिन की अवधि पूरी होने के बाद ही कराई जाए। स्पष्ट किया गया कि घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग या गैस वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी।



