
Rajkumar Dhiman, Dehradun: इजराइल और ईरान में जंग के बीच एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित हो रखी है। सरकार किसी तरह हालात को काबू करने का प्रयास कर रही है। मगर, जमाखोर इस संकट में भी अवैध रूप से मुनाफा कूटने से बाज नहीं आ रहे। ऋषिकेश के लक्कड़घाट (श्यापमपुर) क्षेत्र में सिलेंडरों की जमाखोरी का ऐसा मामला सामने आया, जिसने छापा मारने आए अफसरों को भी सकते में डाल दिया। टीम को दुकान में कुछ सिलेंडर नहीं, बल्कि जखीरे के रूप में 135 कमर्शियल गैस सिलेंडर मिले।
दरअसल, एक शटर बंद दुकान से लोगों को एलपीजी की गंध आ रही थी। जिसकी सूचना प्रशासन और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को दी गई। मंगलवार को टीम जब दुकान पर पहुंची और शटर उठाया गया तो भीतर का नजारा देखकर उनकी आंखें फटी रह गईं। एलपीजी संकट के दौर में दुकान में 135 सिलेंडर रखे थे।
आपूर्ति निरीक्षक सुनील देवली की तहरीर पर पुलिस ने दुकान संचालक के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही सिलेंडरों को जब्त कर क्षेत्र की गैस एजेंसी के हवाले कर दिया गया है। ताकि उनका नई एसओपी के मुताबिक वितरण किया जा सके।
इस क्षेत्र में पूर्व मेंदो स्थानों अवैध गैस रिफिलिंग के मामले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि यदि संकट का दौर न होता तो एलपीजी की कालाबाजारी का यह खेल शायद ही उजागर हो पाता। इसके अलावा एसडीएम ऋषिकेश योगेश मेहरा को एक वाहन में सिलेंडर मिले। चालक के संतोषजनक जवाब न देने पर सभी सिलेंडर जब्त कर लिए गए।



