श्रीनगर में भी किताब माफिया सक्रिय! कैसे किताबों पर दिया जा रहा 70 से 80 प्रतिशत का डिस्काउंट?
ऊधम सिंह नगर में सामने आए किताब कांड के बाद नगर के प्रबुद्धजनों और जागरुक नागरिक उठा रहे पब्लिशर और डिस्ट्रीब्यूटर की जांच की मांग

Round The Watch News: ऊधम सिंह नगर का ताजा प्रकरण सामने है। वहां एक दोगाम में एनसीईआरटी की 10 करोड़ रुपये से अधिक की कीमत की करीब 10 लाख फर्जी किताबें पकड़ी गईं। वहां किताब माफिया का खेल तो खुल गया, लेकिन क्या माफिया के हाथ यहीं तक सीमित हैं? इन सवालों के साथ साथ एक बड़ा सवाल श्रीनगर गढ़वाल में गूंज रहा है। क्योंकि, यहां एक पब्लिशर का डिस्ट्रीब्यूटर/एजेंट सक्रिय है। जो स्कूल संचालकों को अभिभावकों पर अपनी किताबें थोपने के लिए 70 से 80 प्रतिशत तक के असमान्य डिस्काउंट का झांसा दे रहा है।
यह सब इसलिए किया जा रहा है, ताकि स्कूल संचालक अभिभावकों पर उन्हीं की किताबों को खरीदने के लिए दबाव बना सकें। नागरिकों का कहना है कि इतनी बड़ी छूट वही दे सकता है, जो फर्जी ढंग से किताबों की छपाई करा रहा है। ऊधम सिंह नगर में सामने आए कांड के बाद यह बात कहीं न कहीं किसी बड़े गोलमाल की तरफ इशारे भी करती है। हालांकि, प्रशासन का ध्यान अभी इस ओर नहीं गया है।
इससे पहले कि फर्जी किताबें अभिभावकों पर थोप दी जाएं, प्रकरण की जांच की मांग तेज होने लगी है। बताया यह भी जा रहा है कि डिस्ट्रीब्यूटर स्कूल संचालकों को चांदी की मूर्तियों से लेकर अन्य महंगे गिफ्ट भी दे रहा है। उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रशासन इस बात का संज्ञान लेगा और समय रहते सच से पर्दा उठेगा।



