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पहाड़ की सीता ने गुलदार पर बरसाए पत्थर, बचा ली साथी गीता की जान

गुलदार और भालुओं के बढ़ते हमले बढ़ा रहे चिंता, वन विभाग की खानापूर्ति जारी

Round The Watch News: चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र में एक महिला की सूझबूझ और साहस ने उसकी साथी की जान बचा ली। जंगल में चारा लेने गई गीता देवी पर घात लगाकर बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर दिया, लेकिन साथ मौजूद सीता देवी ने हिम्मत दिखाते हुए पत्थरों से जवाबी वार कर उसे खदेड़ दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम धौनी सिलिंग (डकला तोक) निवासी 28 वर्षीय गीता देवी अपनी साथी सीता देवी के साथ रविवार को घर से करीब 200 मीटर दूर जंगल की ओर जा रही थी। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने गीता पर झपट्टा मार दिया। हमले से गीता संभल भी नहीं पाई थी कि सीता ने शोर मचाते हुए पास पड़े पत्थरों से गुलदार पर लगातार वार शुरू कर दिए।

सीता के इस साहसिक कदम से गुलदार घबरा गया और कुछ देर बाद जंगल की ओर भाग निकला। हालांकि हमले में गीता के चेहरे और कंधे पर गहरे पंजों के निशान आए हैं। आसपास के लोगों की मदद से घायल महिला को तुरंत उपजिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे आगे के इलाज के लिए चंपावत भेजा गया।

खतरे से बाहर है घायल महिला, गांव में दहशत
चिकित्सकों के अनुसार गीता की हालत अब स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाने की मांग की है।

पहले भी हो चुके हैं हमले
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले भी आसपास के इलाकों में गुलदार के हमलों में लोगों की जान जा चुकी है, जिससे ग्रामीणों में लगातार डर बना हुआ है।

वन विभाग अलर्ट, निष्फल साबित हो रहे प्रयास 
रेंजर नारायण पांडेय ने बताया कि टीम को मौके पर भेजा गया है और लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है। हालांकि, जिस तरह पहाड़ी क्षेत्रों में गुलदार और भालू के हमले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए लगता है कि वन महकमा सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है।

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