वीडियो: मुरादाबाद और गढ़वाल के बीच गांजे की कड़ी पुलिस ने तोड़ी, विक्रेता रब्बू नौटियाल गिरफ्तार
घटना के बाद से लगातार पुलिस को छका रहा था सप्लायर रब्बू

Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: 89 किलो गांजा प्रकरण में 05 गिरफ्तारियों के बाद एक कड़ी बाकी थी। जिसने गढ़वाल से मुरादाबाद के बीच गांजे के नेटवर्क को अपनी सप्लाई/अवैध बिक्री से खाद-पानी दिया था, वह पुलिस की गिरफ्त से दूर था। लेकिन, पौड़ी पुलिस के अथक प्रयास से अब मुख्य सप्लायर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी को रामनगर (नैनीताल) से गिरफ्तार कर लिया गया है।
89.81 किलो गांजा बरामदगी में इस तरह आगे बढ़ी कार्रवाई
12 मार्च 2026 को कोतवाली लैंसडाउन पुलिस और CIU टीम ने संयुक्त चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध वाहनों से 89.81 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। इस कार्रवाई में यशवंत सिंह और लव कुमार को मौके से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि तस्करी में इस्तेमाल वाहनों को सीज कर दिया गया था।
जांच के दौरान यह सामने आया कि यह कोई साधारण तस्करी नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क के तहत संचालित किया जा रहा रैकेट था। इसके बाद 17 मार्च को पुलिस ने महिपाल सिंह (21 वर्ष) पुत्र कृपाल सिंह, निवासी रतुपुरा, मुरादाबाद (गिरोह का मास्टरमाइंड) बिट्टू सैनी (26 वर्ष) पुत्र रामकिशोर सैनी, निवासी रतुपुरा, मुरादाबाद (तस्करी के लिए अपनी कार उपलब्ध कराई) और राजेंद्र सिंह (49 वर्ष) पुत्र बलवीर सिंह, निवासी सुतोल नन्दानगर, चमोली (पैसों के बदले गांजा सप्लाई किया) शामिल हैं। पता चला था कि जो व्यक्ति मुरादाबाद और गढ़वाल के बीच गांजा नेटवर्क की अहम कड़ी है, वह फरार है।
फरार सप्लायर ‘रब्बू’ आखिरकार दबोचा गया
क्योंकि मामले में शामिल एक और अहम कड़ी—गांजा सप्लाई करने वाला आरोपी रामस्वरुप नौटियाल उर्फ रब्बू (30 वर्ष), निवासी सारसो, पोस्ट सरायखेत, जनपद अल्मोड़ा घटना के बाद से फरार चल रहा था।
पौड़ी पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी। आखिरकार 24 मार्च 2026 को पुलिस ने उसे रामनगर (नैनीताल) से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बरामदगी में मोबाइल और स्कॉर्पियो भी शामिल
एक वीवो मोबाइल (सिम सहित)
एक आईफोन 16
एक काली स्कॉर्पियो (UK19B-5199)
बरामद की है, जिन्हें केस से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इन धाराओं में दर्ज है मुकदमा
इस पूरे प्रकरण में कोतवाली लैन्सडाउन में मु0अ0सं0 04/2026 के तहत NDPS एक्ट की धारा 8/20/27(a)/29/60 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2)(ii)(3)(4) (संगठित अपराध) में मुकदमा दर्ज किया गया है।
इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर और क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवर, CIU प्रभारी रणजीत तोमर की टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक संजय रावत, आरक्षी मुकेश जोशी और मुख्य आरक्षी सतेंद्र सिंह शामिल रहे। पौड़ी पुलिस का संदेश साफ है कि नशा तस्करों के लिए देवभूमि में कोई जगह नहीं। अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।



