पत्नी ने किराएदार से बनाए संबंध, पति पहुंचा कोर्ट और अब 03 पर मुकदमा
रुद्रपुर से सामने आई रिश्तों को दागदार करने की घटना, पत्नी ने पूर्व शादी की बात भी छिपाई

Round The Watch News: रुद्रपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्यायालय की शरण ली है। कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने पत्नी समेत 03 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला वैवाहिक विवाद, अवैध संबंध, कथित धोखाधड़ी और मारपीट जैसे आरोपों से भी जुड़ा हुआ है।
डॉ. कॉलोनी निवासी कावेंद्र ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनका विवाह 27 दिसंबर 2015 को दुर्गा मंदिर में सादगी के साथ बिना दहेज के हुआ था। इस विवाह से उनका एक पुत्र भी है।
‘किरायेदार से संबंध और विरोध पर हमला’
कावेन्द्र ने आरोप लगाया कि घर के पास किराये पर रहने आए पंकज अधिकारी से उसकी पत्नी के संबंध बन गए। जब उसने इसका विरोध किया, तो दोनों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
‘बेटे और जेवर लेकर घर छोड़ने का आरोप’
पीड़ित का कहना है कि 13 सितंबर को उसकी पत्नी पंकज अधिकारी के साथ उसके बेटे को लेकर घर से चली गई। साथ ही घर में रखी नकदी और जेवर भी अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया गया है। मायके पक्ष पर भी धमकी और अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं।
‘पहले विवाह की जानकारी छिपाने का आरोप’
कावेन्द्र का आरोप है कि उनकी पत्नी ने अपने पहले विवाह की जानकारी उनसे छिपाई। इतना ही नहीं, वह कथित रूप से अपने पहले पति की पेंशन भी ले रही है और अपनी पहली संतान को छोड़ चुकी है। इन तथ्यों के सामने आने के बाद वैवाहिक संबंधों में तनाव बढ़ता चला गया।
‘पत्नी के नाम संपत्ति, किस्तें खुद भरता रहा’
पीड़ित के अनुसार, उसने अपनी मेहनत की कमाई से पत्नी के नाम पर प्लॉट खरीदा। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट भी दिलवाया, जिसकी किश्तें वह स्वयं चुका रहा है।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय के आदेश पर रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने पत्नी, उसके भाई अंगनलाल और पंकज अधिकारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाल मनोज रतूड़ी के अनुसार, मामले की जांच एसआई सुरेंद्र सिंह को सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला अभी जांच के अधीन है। सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।



