देहरादून में डॉ तन्वी की संदिग्ध मौत के बाद आई ऑडियो रिकॉर्डिंग, एचओडी पर प्रताड़ना के आरोप
ऑडियो रिकॉर्डिंग, परिजनों के आरोप और कॉलेज के जवाब के बीच गहराता जा रहा मामला, एचओडी पर मुकदमा किया जा चुका दर्ज

Rajkumar Dhiman, Dehradun: श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में मास्टर्स कर रही हरियाणा के अंबाला की 25 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. तन्वी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। परिजनों की और से साझा की गई एक ऑडियो रिकॉर्डिंग, विभागाध्यक्ष डॉ प्रियंका गुप्ता पर लगाए गए आरोप और कॉलेज प्रशासन के दावों के बीच सच्चाई की परतें खुलनी बाकी हैं। फिलहाल, पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में एचओडी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आपको बता दें कि बेहद मानसिक परेशानी के बीच रेजिडेंट डॉक्टर तन्वी ने 24 मार्च की रात पिता से बात की थी, आरोप लगाए थे और फिर आधी रात के बाद तन्वी का शव मेडिकल कॉलेज के पास कार में मिला था।
ऑडियो रिकॉर्डिंग: क्या सामने आया
परिजनों के अनुसार, करीब आधे घंटे की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसमें डॉ. तन्वी और उनके विभाग (ऑप्थल्मोलॉजी) की प्रमुख (HOD) डॉ प्रियंका गुप्ता के बीच बातचीत बताई जा रही है। रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर तन्वी खुद को मानसिक दबाव में बताती हैं। वह कहती सुनाई देती हैं कि वह किसी तरह की विभागीय राजनीति में शामिल नहीं होना चाहतीं। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि किसे और कैसे संतुष्ट करें। उन्हें “टारगेट” किए जाने का अहसास हो रहा है।
बातचीत के कुछ हिस्सों में विभागीय असंतोष, ओटी (ऑपरेशन थिएटर) से जुड़े विवाद और सहकर्मियों के साथ कम्युनिकेशन गैप का भी जिक्र बताया जा रहा है। हालांकि, रिकॉर्डिंग के कई हिस्से अस्पष्ट हैं और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लिहाजा, राउंड द वाच न्यूज पोर्टल ऑडियो रिकॉर्डिंग की पुष्टि नहीं करता है। अन्य पक्षों को भी पुलिस की जांच का इंतजार करना चाहिए।
पिता का दावा, चार महीने से दबाव में थी बेटी
डॉ. तन्वी के पिता ललित मोहन का कहना है कि उनकी बेटी पिछले चार महीनों से लगातार तनाव में थी। उनके अनुसार बेटी की पढ़ाई पहले अच्छी चल रही थी और वह शुरू से मेधावी रही है। लेकिन, विभाग में नेतृत्व परिवर्तन के बाद स्थिति बदली और बेटी को आंतरिक मूल्यांकन (लॉग बुक) में कम अंक दिए जाने लगे। मृतक के पिता के अनुसार तन्वी को फाइनल परीक्षा में नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि बेटी पर आर्थिक मांगों का दबाव बनाया गया, जबकि फीस पहले ही जमा थी।
📞आखिरी कॉल: “अब सहन नहीं हो रहा”
परिजनों के मुताबिक, 24 मार्च की रात तन्वी ने अपने पिता से करीब एक घंटे बात की। इस बातचीत में वह भावुक और परेशान थी। उसने कहा कि अब वह स्थिति सहन नहीं कर पा रही और उसे अपनी रिकॉर्डिंग सामने रखनी पड़ेगी। पिता ने उसे शांत रहने को कहा और अगले दिन देहरादून आने की बात कही। किसे पता था कि जब वह देहरादून पहुंचेंगे, तब तक सब खत्म हो चुका होगा।
⏱️घटनाक्रम: शाम से रात तक क्या हुआ
शाम 4 बजे: तन्वी घर से निकलीं। परिजनों के अनुसार, उन्होंने खाना भी नहीं खाया था। उनकी नाइट ड्यूटी थी।
रात 11:15 बजे के करीब: मां को मैसेज मिला कि वह करीब डेढ़ घंटे में घर पहुंचेंगी। आमतौर पर वह कॉल करती थीं, इसलिए मैसेज से चिंता बढ़ी।
रात करीब 2:30 बजे: पिता अंबाला से देहरादून पहुंचे। कॉलेज परिसर में उनकी कार नहीं मिली।
कुछ देर बाद: पास के इलाके में खड़ी कार में तन्वी अचेत अवस्था में मिलीं।
मौके की स्थिति (परिजनों के अनुसार):
-वह ड्राइविंग सीट पर थीं
-हाथ में कैनुला लगा था
-एक बोतल (करीब 100 एमएल) खाली मिली
-परिजन शीशा तोड़कर उन्हें बाहर लाए और अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के गंभीर आरोप
शिकायत में परिवार ने विभागाध्यक्ष पर कई आरोप लगाए हैं। जो इस प्रकार हैं।
-मानसिक उत्पीड़न और दबाव
-परीक्षा और मूल्यांकन में नुकसान पहुंचाने की धमकी
-लॉग बुक में अंक कम करना
-कथित आर्थिक मांगें
-परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार कॉलेज जाकर स्थिति सुधारने की गुहार भी लगाई थी।
कॉलेज प्रशासन का पक्ष: अलग तस्वीर
संस्थान प्रशासन ने पुलिस को दिए अपने जवाब में अलग स्थिति बताई है। कॉलेज प्रशासन के अनुसार छात्रा लंबे समय से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी। पहले भी आत्म-हानि के प्रयास के मामले सामने आए थे। परिवार को उसकी स्थिति की जानकारी थी और उसका उपचार जारी था।
पुलिस जांच इन बिंदुओं पर फोकस
-ऑडियो रिकॉर्डिंग की सत्यता और फोरेंसिक जांच
-कार्यस्थल का माहौल और विभागीय व्यवहार
-छात्रा की मानसिक स्वास्थ्य स्थिति
-घटनास्थल और मेडिकल साक्ष्य
📌 महत्वपूर्ण तथ्य एक नजर में
-25 वर्षीय रेजिडेंट डॉक्टर, एमएस (ऑप्थल्मोलॉजी) की छात्रा
-घटना 24–25 मार्च की रात की
-परिजनों द्वारा ऑडियो रिकॉर्डिंग साझा
-विभागाध्यक्ष पर आरोप, पुलिस केस दर्ज
-कॉलेज प्रशासन ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी पृष्ठभूमि बताई
-मामला जांचाधीन
⚠️ डिस्क्लेमर: इस रिपोर्ट में शामिल ऑडियो रिकॉर्डिंग की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिजनों और कॉलेज प्रशासन दोनों के दावे जांच के अधीन हैं। अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।



