कीर्तिनगर के ग्रामीण 09 साल से कर रहे सड़क का इंतजार, अब फूटा गुस्सा
विकासखंड के नौडा-धौलियाणा क्षेत्र के लोगों ने दिया बड़े आंदोलन का अल्टीमेटम

Round The Watch News: टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर विकासखंड अंतर्गत नौडा-धौलियाणा क्षेत्र में वर्षों से सड़क सुविधा न मिलने पर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। लंबे समय से लंबित पड़ी सड़क परियोजना को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताई तथा जल्द समाधान न होने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के लिए प्रस्तावित करीब छह किलोमीटर सड़क पिछले नौ वर्षों से कागजी कार्रवाई में ही उलझी हुई है। सड़क न होने के कारण गांव के लोगों को आज भी पथरीले और खतरनाक रास्तों से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सबसे अधिक परेशानी बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है। आपात स्थिति में मरीजों को 5 से 6 किलोमीटर तक डोली के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दुर्गम मार्ग पर फिसलकर अब तक कई लोगों और पशुओं की जान जा चुकी है।
हाल ही में एक गर्भवती महिला को सड़क सुविधा के अभाव में रास्ते में ही प्रसव पीड़ा झेलनी पड़ी, जिससे ग्रामीणों में रोष और बढ़ गया। लोगों का कहना है कि यह घटना क्षेत्र की बदहाल स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है।
इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया और स्थानीय विधायक पर किए गए वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए जल्द सड़क निर्माण शुरू करने की मांग उठाई गई।
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि जल्द सड़क निर्माण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे बड़े जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा और क्षेत्र की जनता अपने अधिकार के लिए सड़क पर उतरने को तैयार है।
प्रदर्शन के दौरान सुरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर कोई काम दिखाई नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों, खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को रोजाना भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।



