पौड़ी में 700 प्रतिशत मुनाफे का लालच, लुटा दिए 15 लाख, अब रांची जेल से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
नागपुर से चल रहा था फर्जी ट्रेडिंग रैकेट, पौड़ी पुलिस ने किया भंडाफोड़

Rajkumar Dhiman, Uttarakhand: पौड़ी पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए ऐसे रैकेट का खुलासा किया है, जो व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को 700 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को रांची जेल से वारंट बी पर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब धुमाकोट निवासी दिनकर कुमार पोखरियाल ने थाना धुमाकोट में शिकायत दर्ज कराई कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप में निवेश करने पर 700 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उनसे 15 लाख 24 हजार 496 रुपये की साइबर ठगी की गई। शिकायत के आधार पर थाना धुमाकोट में मुकदमा संख्या 15/2025, धारा 318(4) और 61(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी पौड़ी सर्वेश पंवार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर और क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल की निगरानी में थानाध्यक्ष धुमाकोट सुनील पंवार के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने बैंक खातों के लेन-देन, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच के जरिए अहम सुराग जुटाए। जांच में सामने आया कि व्हाट्सएप ट्रेडिंग ग्रुप के माध्यम से यह साइबर ठगी महाराष्ट्र के नागपुर से संचालित की जा रही थी। पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर मुख्य आरोपी जयंत ताराचंद अन्नापुर्णे तक पहुंच बनाई।
जब पुलिस टीम नागपुर पहुंची और विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी गई तो पता चला कि आरोपी अपने सहयोगी अजय रामभरोसे वाल्मीकि के साथ एक अन्य धोखाधड़ी मामले में पहले से रांची जेल में बंद है।
इसके बाद विवेचक ने न्यायालय से वारंट बी प्राप्त किया और 1 अप्रैल 2026 को मुख्य आरोपी जयंत ताराचंद अन्नापुर्णे को रांची जेल से लाकर धुमाकोट न्यायालय में पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि सह आरोपी अजय रामभरोसे वाल्मीकि को भी वारंट बी के माध्यम से रांची जेल से लाकर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। वहीं इस मामले में एक अन्य सह आरोपी दया कृष्ण पैनरू निवासी हल्द्वानी के खिलाफ पहले ही बीएनएस की धारा 35(3) के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।
पौड़ी पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी गिरोह लोगों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फर्जी ट्रेडिंग और भारी मुनाफे का लालच देता था। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस तरह के ऑनलाइन निवेश और असामान्य रिटर्न के दावों से सतर्क रहें।



