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वीडियो: देहरादून बॉर्डर पर डटे उत्तर प्रदेश के 1000 आक्रोशित किसान, कहा पुलिस और नेता प्रॉपर्टी के धंधे में लगे

बीटेक के छात्र दिव्यांशु जटराना की हत्या के बाद पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत दून कूच, आशारोड़ी के पास डटे

Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून में बीटेक छात्र दिव्यांशु जटराना की हत्या के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर समेत कई जिलों से एक हजार से अधिक जाट किसान देहरादून बॉर्डर पर डटे हुए हैं और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की मांग कर रहे हैं। किसानों का साफ कहना है कि जब तक उन्हें मुख्यमंत्री से स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, वे वहां से नहीं हटेंगे।

इस प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता Rakesh Tikait भी शामिल हुए। वे दिव्यांशु जटराणा को श्रद्धांजलि देने आशारोड़ी बॉर्डर पहुंचे। सुरक्षा को देखते हुए देहरादून-सहारनपुर सीमा स्थित आशारोड़ी क्षेत्र में नौ थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। इस दौरान राकेश टिकैत ने साफ कहा कि उत्तराखंड की पुलिस और नेता प्रॉपर्टी के धंधे में लगे हैं। नशे का कारोबार फैल रहा है। देवभूमि की शांत छवि बिगड़ रही है।

आक्रोशित किसानों ने प्रशासन को कड़ा संदेश देते हुए पूछा कि अब तक हत्याकांड में क्या कार्रवाई हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। हालात को संभालने के लिए एसपी सिटी प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने दिव्यांशु को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल भी स्थल पर पहुंचे, जहां किसानों ने उनसे सीधे सवाल किया कि हत्या के आरोपी आखिर कहां छिपे हैं।

इससे पहले किसान नेता राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसान संगठनों से आशारोड़ी चेकपोस्ट पर जुटने की अपील की थी। इसके बाद मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, सहारनपुर, पानीपत और हरिद्वार समेत कई जगहों से किसान देहरादून पहुंचे। सुबह करीब साढ़े दस बजे से किसानों का जुटना शुरू हुआ और लगभग 11 बजे टिकैत भी आंदोलन स्थल पर पहुंच गए। पुलिस-प्रशासन ने भी एहतियात के तौर पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की है, ताकि प्रदर्शनकारी शहर की ओर न बढ़ सकें।

पुरानी रंजिश में कर दी थी दुव्यांशु कि हत्या
घटना की पृष्ठभूमि 23 मार्च की रात की है, जब प्रेमनगर क्षेत्र के केहरी गांव में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के छात्रों के दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश और वर्चस्व को लेकर विवाद हुआ। देखते ही देखते यह झड़प हिंसक हो गई और दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चलने लगे।

इसी दौरान आरोप है कि 15 से अधिक छात्रों ने मिलकर दिव्यांशु जटराणा पर हमला किया। उसके सिर पर फावड़े से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़ा। घायल अवस्था में उसे पहले प्रेमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर दून अस्पताल रेफर किया गया।

बताया गया कि दून अस्पताल ले जाते समय एम्बुलेंस बीच रास्ते में तकनीकी खराबी के कारण रुक गई, जिससे इलाज में देरी हुई। सामने आए वीडियो में दिव्यांशु को एम्बुलेंस के अंदर दर्द से तड़पते हुए देखा गया। आरोप है कि उस दौरान उसे समय पर ऑक्सीजन सपोर्ट भी नहीं मिल पाया और दूसरी एम्बुलेंस की व्यवस्था भी तत्काल नहीं की गई।

बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अपने वाहन से उसे दून अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद करणी सेना ने एम्बुलेंस सेवा, चालक और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।

पुलिस ने इस मामले में आरोपी छात्रों के खिलाफ हत्या, दंगा और साजिश समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अब तक युवराज कुमार, मधुर खंडेलवाल, शिवम शर्मा और अंकित भारद्वाज को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। फरार 07 आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।

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