DehradunUttarakhandराजनीति

पहली बार महिला के हाथ आई उत्तराखंड ग्राम प्रधान संगठन की कमान, चमोली की योगिता बनीं प्रदेश अध्यक्ष

प्रदेश स्तरीय बैठक में योगिता रावत को दी गई संगठन की कमान

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड में ग्राम प्रधान संगठन के इतिहास में पहली बार किसी महिला को प्रदेश स्तर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजधानी में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में विभिन्न जिलों से पहुंचे संगठन के जिलाध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने चमोली जिले की खैनूरी ग्राम पंचायत की प्रधान योगिता रावत को सर्वसम्मति से प्रदेश अध्यक्ष चुना।

यह फैसला सोमवार को विकासखंड सहसपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत श्यामपुर कंडोला में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। बैठक में देहरादून समेत राज्य के कई जनपदों से आए ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न कराई गई। वरिष्ठ सदस्य और जिला पंचायत सदस्य प्रकाश मेहरा ने योगिता रावत के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे अन्य प्रतिनिधियों ने समर्थन दिया। इसके बाद सभी की सहमति से उन्हें संगठन की नई प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया गया।

नव-निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष योगिता रावत ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह प्रदेशभर के ग्राम प्रधानों की समस्याओं को मजबूती से उठाएंगी और उनके समाधान के लिए उचित मंचों पर एकजुट प्रयास करेंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंचायतों के समग्र विकास और प्रधानों के हितों की रक्षा उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाकर गांवों के विकास से जुड़े मुद्दों को सरकार और प्रशासन तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जाएगा, ताकि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।

बैठक में विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने नई प्रदेश अध्यक्ष को बधाई देते हुए संगठन को और सशक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रकाश मेहरा (चंपावत), भूपेंद्र सिंह (टिहरी), हेमराज सिंह (पिथौरागढ़), पंकज पोखरियाल (पौड़ी), ठाकुर कृपाल सिंह (उत्तरकाशी), शुभम मल्ल (देहरादून), जसपाल जसी (ऊधमसिंह नगर) और विजयपाल जगवाण उर्फ बंटी (रुद्रप्रयाग) सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। योगिता रावत के चयन को राज्य में महिला नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button