वीडियो: पुल के ऊपर जा चढ़े नगर पालिका अध्यक्ष, जांच के आदेश से हुए नाराज, एसडीएम की अपील बेअसर
सभासदों के धरने को बताया साजिश, कई घंटों तक बारिश में पुल पर डटे रहे मनोज कोहली

Rajkumar Dhiman, Dehradun: नगर पालिका चिन्यालीसौड़ में सभासदों और पालिकाध्यक्ष के बीच चल रहा विवाद बुधवार को नाटकीय मोड़ पर पहुंच गया। पालिकाध्यक्ष मनोज कोहली सुबह करीब आठ बजे टिहरी झील पर बने आर्क ब्रिज पर चढ़ गए और वहीं से सोशल मीडिया पर लाइव होकर सभासदों के हालिया धरने को राजनीतिक साजिश करार दिया।
पालिकाध्यक्ष ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार और कार्यों में अनदेखी के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उनका आरोप है कि बीते चार दिनों तक चला धरना सुनियोजित और प्रायोजित था, जिसका उद्देश्य उनकी छवि खराब करना था।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के दौरे के दौरान पोस्टर और बैनर लगाने को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया। उनके मुताबिक सभी पोस्टर निर्धारित और स्वीकृत स्थानों पर ही लगाए गए थे।
जांच के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज कोहली ने कहा कि उन्हें किसी भी स्तर की जांच से कोई आपत्ति नहीं है और वह हर जांच के लिए तैयार हैं। हालांकि उन्होंने मांग की कि जांच समिति मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष तरीके से जांच करे और उनके खिलाफ दुष्प्रचार बंद किया जाए।
पालिकाध्यक्ष ने नगर पालिका के ईओ के साथ कथित दुर्व्यवहार और उनके तबादले के मुद्दे पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि के किसी अधिकारी के स्थानांतरण की मांग उचित नहीं है।
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब पुल पर खड़े होकर उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मौके पर जांच नहीं हुई तो वह और कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। इस बयान के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सभासद और पालिकाध्यक्ष आमने-सामने हैं। सभासदों ने पालिकाध्यक्ष पर भ्रष्टाचार और उनकी उपेक्षा के आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। मंगलवार को प्रभारी मंत्री के हस्तक्षेप के बाद धरना समाप्त हुआ और मामले की जांच के आदेश दिए गए थे। माना जा रहा है कि इसी जांच निर्णय के विरोध में पालिकाध्यक्ष ने यह कदम उठाया।
एसडीएम की अपील भी बेअसर
घटना की सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी देवानंद शर्मा मौके पर पहुंचे और पालिकाध्यक्ष को पुल से नीचे उतरकर बातचीत करने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। लगातार बारिश के बीच पुल के नीचे स्थानीय लोगों की भीड़ जमा रही। खबर लिखे जाने तक करीब साढ़े चार घंटे से अधिक समय से पालिकाध्यक्ष पुल पर डटे हुए थे।



