कागजों में दौड़ा दिए माल के ट्रक, जीएसटी ने छापा मारकर 1.8 करोड़ वसूल किए
औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में स्टेट जीएसटी की तीन टीमों ने मारा छापा

Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून में कर चोरी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए राज्य कर विभाग ने सेलाकुई स्थित एक पैकेजिंग मटीरियल बनाने वाली फर्म पर छापेमारी की। जांच के दौरान सामने आया कि फर्म ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत लाभ लेने के लिए फर्जी लेनदेन दिखाए थे। कार्रवाई के बाद फर्म संचालक ने करीब 1.8 करोड़ रुपये जमा कराए।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फर्म कागजों में ही खरीद-बिक्री दर्शाकर टैक्स जमा दिखा रही थी, जबकि वास्तविक रूप से माल का परिवहन नहीं किया गया था। इस तरीके से या तो आईटीसी हासिल किया जा रहा था या कर देनदारी को कम किया जा रहा था।
यह कार्रवाई आयुक्त राज्य कर सोनिका के निर्देश पर की गई। अपर आयुक्त डीएस नबियाल और संयुक्त आयुक्त अजय कुमार सिंह के मार्गदर्शन में उपायुक्त सुरेश कुमार के नेतृत्व में टीमों ने एक साथ छापा मारा। जांच के दौरान फर्म के सभी दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए गए।
छापेमारी के दौरान विभाग की तीन टीमों ने एक साथ कार्रवाई की, जिससे फर्म में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जांच प्रक्रिया के दौरान कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए ताकि लेनदेन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा सकें।
टीम में सहायक आयुक्त एसआईबी टीआर चन्याल, अलीशा बिष्ट सहित कई राज्य कर अधिकारी शामिल रहे। विभाग का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। कार्रवाई करने वाली टीम में सहायक आयुक्त एसआइबी टीआर चन्याल, अलीशा बिष्ट, राज्य कर अधिकारी असद अहमद, अनुराग पाठक, कंचन थापा, भूपेंद्र जंगपांगी, भूपेंद्र सिंह रावत, देवेंद्र रावत आदि शामिल रहे।



