कोटद्वार नाबालिग रेप कांड में होटल संचालक गिरफ्तार, मिलीभगत उजागर होने पर कार्रवाई
कोटद्वार के होटल में बिना आईडी के अधिक पैसे लेकर आरोपियों को किशोरी संग दिया था कमरा

Round The Watch News: पौड़ी जिले के कोटद्वार में नाबालिग से जुड़े संवेदनशील मामले में पुलिस जांच ने चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। दुष्कर्म कांड में अब होटल संचालकों की संदिग्ध भूमिका सामने आई है, जिसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस खुलासे से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
ऐसे शुरू हुआ मामला और मिलीभगत का खेल
01 अप्रैल 2026 को कोटद्वार निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी 16 वर्षीय पुत्री 31 मार्च की सुबह घर से बिना बताए कहीं चली गई और वापस नहीं लौटी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा संख्या 76/2026, धारा 137(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस ने तेजी से दबोचे मुख्य आरोपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई। अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर, क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल और प्रभारी निरीक्षक प्रदीप नेगी के नेतृत्व में गठित टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से 03 अप्रैल को मुख्य आरोपी विमल रावत और कृष्णा भट्ट को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
जांच में बड़ा खुलासा: होटल बना साजिश का अड्डा
विवेचना के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने पूरे मामले की तस्वीर बदल दी। पता चला कि घटना वाले दिन कोटद्वार के एक होटल में आरोपियों को बिना किसी वैध पहचान पत्र और बिना रजिस्टर में एंट्री किए कमरा दिया गया था।
इतना ही नहीं, होटल संचालकों ने नियमों को ताक पर रखकर अधिक पैसे लेकर कमरा उपलब्ध कराया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि होटल संचालक शुभम रावत और सोनू ने न सिर्फ नियमों का उल्लंघन किया, बल्कि आरोपियों के साथ षड्यंत्र और दुष्प्रेरण करते हुए घटना में सक्रिय सहयोग भी किया।
दोनों होटल संचालक गिरफ्तार
पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने 09 अप्रैल 2026 को सोनू (40 वर्ष) पुत्र यादराम, निवासी हुसैनपुर, थाना नौगांव, जिला अमरोहा (हाल निवासी नजीबाबाद रोड, कोटद्वार)
और शुभम रावत (26 वर्ष) पुत्र रमेश सिंह रावत, निवासी लकड़ी पड़ाव, काशीरामपुर तल्ला, कोटद्वार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गंभीर धाराओं में बढ़ाया गया मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमे में नई धाराएं जोड़ते हुए इसे और सख्त बना दिया है। अब केस में धारा 61(2), 137(2), 70(2) बीएनएस के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4/5(जी)/6 और 16/17 भी शामिल कर दी गई हैं।
एक्शन में रही पुलिस टीम
-वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनिल चौहान
-उपनिरीक्षक शोएब अली
-उपनिरीक्षक प्रीति गोसाई
-कांस्टेबल मुकेश
-होमगार्ड कुलदीप
पुलिस ने दिया सख्त संदेश
पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अपराधियों के साथ-साथ उन्हें सहयोग देने वाले भी बख्शे नहीं जाएंगे। कोटद्वार कांड में होटल संचालकों की गिरफ्तारी ने यह संदेश दे दिया है कि कानून से बचना अब आसान नहीं।



