
Round The Watch News: पेपर लीक के मुद्दे को लेकर उत्तराखंड में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। सोमवार को मसूरी स्थित एमपीजी कॉलेज के मुख्य द्वार के बाहर परिषद कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पेपर लीक के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व एबीवीपी के कॉलेज उपाध्यक्ष अनुज पंवार और कॉलेज विश्वविद्यालय प्रतिनिधि आशुतोष जोशी ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि केंद्र सरकार इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र बनाया जाएगा।
छात्र नेताओं ने कहा कि पेपर लीक का मामला किसी एक परीक्षा या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लाखों मेहनती और ईमानदार विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उनका कहना था कि इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से बचते हुए सभी दलों को छात्रों के हित में एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से युवाओं का शिक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रियाओं पर भरोसा कमजोर हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए। छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक विद्यार्थियों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उधर, भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रदर्शन से खुद को अलग बताया है। पार्टी के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी आर. नेगी ने कहा कि एबीवीपी भाजपा की इकाई नहीं है। उन्होंने कहा कि परिषद का संचालन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के माध्यम से होता है और इस प्रदर्शन का भाजपा से कोई संबंध नहीं है।



