अस्पताल के बेड पर कुत्ता लेटा, मरीज बरामदे में मिले, डीएम के छापे में खुली पोल
पिथौरागढ़ के जिला अस्पताल पर डीएम ने आधी रात को मारा छापा, पेइंग बेड के हाल पर माथा पकड़ा

Round The Watch News: पिथौरागढ़ जिले के सबसे बड़े सरकारी बीडी पांडे जिला अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर अस्पताल में बेड की कमी के चलते 150 से अधिक मरीजों का इलाज 120 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में चल रहा है और कई मरीजों को बरामदे में गद्दे बिछाकर रहना पड़ रहा है। दूसरी ओर, जिस पेइंग वार्ड के एक बेड के लिए मरीजों से प्रतिदिन 250 रुपये लिए जाते हैं, उसी पर आवारा कुत्ते के सोने का वीडियो सामने आया है।
यह मामला तब उजागर हुआ, जब जाराजिबली के बीडीसी सदस्य रमेश धामी अपनी मां बसंती देवी को टायफाइड के उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। पेइंग वार्ड में उन्होंने एक बेड पर कुत्ते को सोते देखा तो इसका वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
120 बेड की क्षमता, भर्ती मरीज 150 से अधिक
मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित बीडी पांडे जिला अस्पताल की क्षमता 120 बेड की है, लेकिन वर्तमान में यहां 150 से ज्यादा मरीज भर्ती बताए जा रहे हैं। क्षमता से अधिक मरीज होने के कारण अस्पताल में बिस्तरों का संकट पैदा हो गया है। स्थिति यह है कि कुछ मरीजों को वार्ड में बेड नहीं मिलने पर बरामदे में गद्दे बिछाकर उपचार कराना पड़ रहा है।
तीन दिन से शाम होते ही बिस्तरों पर पहुंच रहे थे कुत्ते
मरीजों और तीमारदारों का आरोप है कि आवारा कुत्ते पिछले तीन दिनों से शाम होते ही अस्पताल में घुसकर खाली बिस्तरों पर डेरा जमा रहे थे। उन्हें भगाने का प्रयास करने पर कई बार कुत्ते तीमारदारों पर झपटने की कोशिश करते थे। बताया गया कि सुरक्षा कर्मियों से शिकायत किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर कुत्तों की मौजूदगी से मरीजों में संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य जोखिम को लेकर भी चिंता बढ़ गई।
आधी रात DM ने किया औचक निरीक्षण
वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी आशीष कुमार भट्टगाई ने मामले को गंभीरता से लिया। वह सीएमओ डॉ. जेएस चुफाल के साथ देर रात जिला अस्पताल के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में व्यवस्थाओं की कई कमियां सामने आईं।
रात में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात पीआरडी जवान के साथ नर्सिंग स्टाफ भी ड्यूटी से गायब मिला। अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की गैरमौजूदगी पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई, एक से स्पष्टीकरण
निरीक्षण में अनुपस्थित मिले नर्सिंग स्टाफ एम. लॉरेंस और सुचित्रा ग्वाल तथा पीआरडी जवान वीर राम के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कर्मचारी बसंती मेहता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी ने अस्पताल के पीएमएस डॉ. डीपी सिंह को अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने की सख्त हिदायत दी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी बड़ी चुनौती
बीडी पांडे जिला अस्पताल में केवल व्यवस्थागत अव्यवस्था ही समस्या नहीं है, बल्कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। अस्पताल में अब तक हार्ट स्पेशलिस्ट और न्यूरोसर्जन की तैनाती नहीं है।
गंभीर हृदय रोग या न्यूरो संबंधी मामलों में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा सुविधाओं के लिए हल्द्वानी, देहरादून या दिल्ली जाना पड़ता है। पहाड़ी जिले के मरीजों के लिए यह अतिरिक्त परेशानी और खर्च का कारण बनता है।
एक ही अस्पताल में बेड की कमी, बरामदे में मरीजों का इलाज, पेइंग वार्ड में कुत्ते की मौजूदगी, ड्यूटी से कर्मचारियों की गैरहाजिरी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी ने पिथौरागढ़ की जिला अस्पताल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



