जीना के नकद खर्च की कड़ियां तलाश रही ईडी, राजनीतिक इस्तेमाल के एंगल पर भी नजर
नकदी किन लोगों तक पहुंची और किसके निर्देश पर खर्च हुई, इसकी पड़ताल तेज, नए नाम सामने आए तो बढ़ सकता है आरोपियों का दायरा

Rajkumar Dhiman, Dehradun: ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीपीडीओ) परीक्षा-2016 की ओएमआर हेराफेरी से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अब केवल बरामद नकदी और संपत्तियों की जांच तक सीमित नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश सिंह रावत के तत्कालीन विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) और वर्तमान निजी सहायक चंदन सिंह जीना के आवास से मिले बेहिसाबी धन के साथ-साथ उनके बड़े नकद खर्च की कड़ियां भी एजेंसी जोड़ रही है। जांच का अहम सवाल यह है कि जीना के पास इतनी नकदी कहां से आई, किसके माध्यम से पहुंची और बाद में किन लोगों तक अथवा किन कामों में खर्च हुई।
ईडी ने तत्कालीन यूकेएसएसएससी अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक, ओएमआर की प्रोसेसिंग करने वाली निजी कंप्यूटर एजेंसी के संचालक तथा कथित बिचौलियों समेत कई ठिकानों पर छापा मारा था। एजेंसी की जांच में सामने आया है कि वीपीडीओ परीक्षा की ओएमआर शीट यूकेएसएसएससी की सुरक्षित अभिरक्षा से बाहर निकालकर तत्कालीन सचिव के निजी आवास तक पहुंचाई गईं। वहां अधूरी ओएमआर शीट के रोल नंबर नोट किए गए और निजी कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों के जरिये उत्तरों में कथित हेराफेरी कर शीट दोबारा सील की गईं। इसके बदले अवैध रकम बिचौलियों के माध्यम से पहुंचाए जाने का आरोप है।
32 लाख नकद और 200.5 ग्राम सोना बरामद
जीना के आवास की तलाशी में ईडी को 32 लाख रुपये की बेहिसाबी भारतीय मुद्रा मिली। इसके अलावा करीब 200.5 ग्राम सोना बरामद हुआ, जिसमें 13 सोने के सिक्के और सात सोने की चेन शामिल हैं। तलाशी में 12 लग्जरी कलाई घड़ियां भी मिलीं। इनमें Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice जैसे ब्रांड की घड़ियां शामिल बताई गई हैं। घड़ियों में से कुछ का मूल्यांकन अभी अलग से किया जा रहा है।
ईडी ने जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में उपलब्ध 52,16,312 रुपये के क्रेडिट बैलेंस को PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीज किया है। जीना का मोबाइल फोन भी जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए लिया गया है। एजेंसी के अनुसार, जांच के दौरान बड़े पैमाने पर ऐसे नकद खर्च सामने आए हैं, जिनका स्पष्ट स्रोत नहीं मिला और जिन्हें जीना की ज्ञात आय से पुष्ट नहीं किया जा सका।
कुल 1.28 करोड़ की संपत्ति, घड़ियों का मूल्यांकन बाकी
ईडी के अनुसार जीना से संबंधित जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों का मौजूदा कुल मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपये है। यह आंकड़ा अभी बढ़ सकता है, क्योंकि बरामद 12 लग्जरी घड़ियों का मूल्यांकन अलग से किया जा रहा है। इसलिए 1.28 करोड़ को केवल घर से बरामद नकदी और सोने का जोड़ मानना सही नहीं होगा; यह एजेंसी की ओर से जब्त एवं फ्रीज संपत्तियों का वर्तमान कुल मूल्यांकन है।
नकदी अपनी थी या किसी और की, यही बड़ा सवाल
अब ईडी की जांच का फोकस इस बात पर है कि जीना के पास मिली रकम उनकी अपनी अवैध कमाई थी या किसी अन्य व्यक्ति, समूह अथवा नेटवर्क की रकम उनके पास रखी गई थी। यदि रकम किसी लेनदेन का हिस्सा थी तो उसे किसने दिया, किसके निर्देश पर आगे भेजा गया और इसके बदले क्या हासिल किया गया—इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
ओएमआर हेराफेरी के बदले कथित तौर पर हुए अवैध लेनदेन में जीना की भूमिका भी जांच के दायरे में है। एजेंसी नकदी को कथित रिश्वत के तौर पर प्राप्त किए जाने और फिर उसके आगे इस्तेमाल अथवा हस्तांतरण की संभावित कड़ियों का मिलान कर रही है।
राजनीतिक इस्तेमाल की कड़ी भी जांचेगी ईडी
जांच का संवेदनशील पहलू नकदी के संभावित राजनीतिक इस्तेमाल से भी जुड़ रहा है। हालांकि अभी यह साबित नहीं हुआ है कि जीना के पास मिली अथवा उनके माध्यम से खर्च हुई रकम का इस्तेमाल किसी राजनीतिक गतिविधि या चुनाव में हुआ। लेकिन जांच में यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति, राजनीतिक संपर्क, हिस्सेदारी अथवा चुनावी गतिविधि तक धन पहुंचने के संकेत मिलते हैं तो उस दिशा में भी जांच आगे बढ़ सकती है।
यानी ईडी अब केवल यह नहीं देख रही कि पैसा कहां से आया, बल्कि यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पैसा कहां गया और किसके कहने पर गया।
बैंक खातों से लेकर नकद खर्च तक बनेगी पूरी मनी ट्रेल
जीना और उनसे जुड़े लोगों के बैंक खातों में हुए बड़े लेनदेन भी जांच के रडार पर हैं। खातों में रकम आने के स्रोत, रकम पाने वालों और उसके बाद हुए भुगतान का मिलान बरामद नकदी और सामने आए नकद खर्च से किया जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अपराध से अर्जित रकम को अलग-अलग खातों अथवा नकद लेनदेन के जरिए कहीं खपाया तो नहीं गया।
नए नाम सामने आए तो बढ़ेगा जांच का दायरा
वीपीडीओ परीक्षा प्रकरण में तत्कालीन आयोग अधिकारियों, निजी कंप्यूटर एजेंसी और कथित बिचौलियों के बीच धन के लेनदेन की कड़ियां पहले से जांच में हैं। अब जीना के वित्तीय लेनदेन, नकद खर्च, बैंक खातों और मोबाइल से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों को इस पूरी मनी ट्रेल से जोड़ा जाएगा।
यदि इस प्रक्रिया में ऐसे नए व्यक्ति सामने आते हैं, जिनका संबंध कथित अवैध रकम के स्रोत, हस्तांतरण या इस्तेमाल से जुड़ता है, तो ईडी की कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है और मामले में नए आरोपित भी जांच के घेरे में आ सकते हैं। फिलहाल एजेंसी की जांच का सबसे अहम बिंदु यही है कि 32 लाख रुपये की बरामद नकदी और उससे आगे की वित्तीय कड़ियां आखिर किस नेटवर्क तक पहुंचती हैं।
जीना के घर से ईडी की कार्रवाई में सामने आए प्रमुख तथ्य:
-32 लाख रुपये बेहिसाबी नकदी
-200.5 ग्राम सोना
-13 सोने के सिक्के
-7 सोने की चेन
-12 लग्जरी घड़ियां—Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice समेत
-जीना व परिवार के खातों में 52,16,312 रुपये फ्रीज
-मोबाइल फोन जब्त, फोरेंसिक जांच के लिए
-जब्त व फ्रीज संपत्तियों का वर्तमान मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपये, जिसमें घड़ियों के मूल्यांकन के बाद वृद्धि संभव है।



