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प्रीतम सिंह के भाई चमन सिंह पर मुकदमा दर्ज करने को एसएसपी को दी तहरीर

वायरल हुआ था धमकाने और गाली-गलौज का ऑडियो, मुख्यमंत्री ने भी लिया संज्ञान

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के भाई चमन सिंह से जुड़े कथित ऑडियो विवाद में अब पुलिस से शिकायत किए जाने का मामला सामने आया है। ल्यूनी क्षेत्र के निवासी बालकराम चौहान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून को प्रार्थनापत्र देकर चमन सिंह और राजपाल सिंह के खिलाफ गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और परिवार को डराने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने मामले की जांच कर आरोपितों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा अपने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस मामले का संज्ञान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी ले चुके हैं। उन्होंने फोन पर पीड़ित व्यक्ति की बेटियों से बात की और सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

बेटियों के कांग्रेस से जुड़ाव को लेकर शुरू हुआ विवाद
बालकराम चौहान की ओर से एसएसपी को दिए गए प्रार्थनापत्र के अनुसार, वह ग्राम घुमरा खत्त, देवघर, तहसील ल्यूनी के निवासी हैं और विद्युत विभाग के उपखंड चकराता के सब-स्टेशन ल्यूनी में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं। उनकी दोनों बेटियां राजकीय महाविद्यालय ल्यूनी में बीए प्रथम और द्वितीय वर्ष की छात्राएं हैं। शिकायत में कहा गया है कि उनकी एक बेटी ने महाविद्यालय के वर्तमान चुनाव में सचिव पद और दूसरी बेटी ने सहसचिव पद पर चुनाव में प्रतिभाग किया था।

प्रार्थनापत्र के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को रात 8:23 बजे, 9 बजे और 9:15 बजे चमन सिंह और राजपाल सिंह की ओर से फोन किया गया। आरोप है कि बातचीत के दौरान बालकराम पर अपनी दोनों बेटियों को कांग्रेस पार्टी में शामिल कराने का दबाव बनाया गया। उन्हें कथित तौर पर चेतावनी दी गई कि ऐसा नहीं करने पर परिणाम ठीक नहीं होंगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि फोन पर उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया तथा उन्हें बुरी तरह धमकाया गया।

ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद परिवार को धमकाने का आरोप
बालकराम चौहान ने शिकायत में दावा किया है कि फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके मोबाइल में सुरक्षित है। आरोप है कि संबंधित लोगों को जब बातचीत रिकॉर्ड होने की जानकारी मिली तो वे उन्हें और उनके परिवार को देख लेने की धमकी देने लगे।

प्रार्थनापत्र के मुताबिक, उसी दिन आरोपित लोग अपने साथ कुछ असामाजिक तत्वों को लेकर बिजलीघर पहुंचे। वहां मौजूद कर्मचारी देवेश बिजलीवाल ने उन्हें बताया कि बालकराम बिजलीघर से जा चुके हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद भी बिजलीघर में मौजूद लोगों ने बालकराम को लेकर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।

दिव्यांग होने का हवाला देकर सुरक्षा की मांग
बालकराम चौहान ने अपने प्रार्थनापत्र में स्वयं को दिव्यांग बताया है। उन्होंने कहा कि कथित धमकियों के कारण वह और उनका परिवार गहरे भय में हैं। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की जांच कराने, संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और अपने व परिवार के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

वायरल ऑडियो में भी सुनाई देने का दावा
इससे पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित ऑडियो को लेकर विवाद सामने आया था। इसमें बालकराम की दोनों बेटियों के कांग्रेस में आने को लेकर बातचीत होने और बाद में कथित तौर पर गाली-गलौज व धमकी दिए जाने की चर्चा है। हालांकि, ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसकी पूरी पृष्ठभूमि की आधिकारिक पुष्टि अभी आवश्यक है।

फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों पर पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आना बाकी है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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