Uttarakhand

मुख्यमंत्री धामी ने ली रेडक्रास की आजीवन सदस्यता, संस्था के कार्यों को सराहा

शीतलहर राहत से लेकर यूथ रेडक्रास प्रशिक्षण तक मानवीय सेवा के किए जा रहे व्यापक प्रयास

Amit Bhatt, Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की आजीवन सदस्यता ग्रहण करते हुए मानवता की सेवा में रेडक्रास की भूमिका की सराहना की। इस अवसर पर भारतीय रेडक्रास सोसाइटी की राज्य मैनेजिंग कमेटी ने महासचिव डॉ. जे.एन. नौटियाल एवं चेयरमैन ओंकार बहुगुणा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आपदा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सेवा के क्षेत्र में रेडक्रास का योगदान अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने प्रदेश में रेडक्रास की गतिविधियों को और अधिक व्यापक व प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान राज्य में रेडक्रास की भावी योजनाओं और सेवा कार्यों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर मैनेजिंग कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष सतीश पिंगल एवं रेडक्रास के ब्रांड एंबेसडर मनीष कसनियाल भी उपस्थित रहे।

वहीं, भारतीय रेडक्रास सोसाइटी के उपाध्यक्ष एवं उत्तराखंड के माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शीतलहर को देखते हुए पर्वतीय जिलों के लिए राहत सामग्री से भरे ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डॉ. रावत ने बताया कि रेडक्रास द्वारा उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, चम्पावत एवं अल्मोड़ा जिलों के जरूरतमंद लोगों के लिए प्रत्येक जिले को 160 कंबल एवं 100 तिरपाल उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि शीतलहर से प्रभावित गरीब और असहाय परिवारों को समय पर राहत मिल सके।

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आपदा एवं विपरीत परिस्थितियों में मानव सेवा करना रेडक्रास का मूल दायित्व है और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक सहायता पहुंचाना इसकी प्राथमिकता है। इस कार्यक्रम में रेडक्रास चेयरमैन ओंकार बहुगुणा, महासचिव डॉ. जे.एन. नौटियाल, राज्य प्रतिनिधि (रुद्रप्रयाग) अजय सेमवाल, जिला रेडक्रास समिति देहरादून के डॉ. एम.एस. अंसारी, डॉ. सतीश पिंगल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

इसी क्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा मसूरी में आयोजित पांच दिवसीय यूथ रेडक्रास प्रशिक्षण शिविर को भी सराहनीय पहल बताया गया। रेडक्रास उत्तराखंड के महासचिव डॉ. जे.एन. नौटियाल ने शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में छात्रों को संबोधित करते हुए रेडक्रास के सात सिद्धांत—मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता और सार्वभौमिकता—की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज में रेडक्रास की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और युवाओं की सहभागिता से इसे और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के निर्देशन एवं डीन स्टूडेंट वेल्फेयर प्रो. ए.आर. चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में योग, प्रार्थना, प्राथमिक चिकित्सा, सीपीआर, दुर्घटना, सर्पदंश, जलन एवं अन्य आपात स्थितियों में प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। शिविर में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के लगभग 52 स्वयंसेवक उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। दूसरे दिन सांस्कृतिक गतिविधियों के अंतर्गत नृत्य, गायन एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।

डॉ. जे.एन. नौटियाल ने मसूरी में इस तरह के प्रशिक्षण शिविर के आयोजन को युवाओं में सेवा भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए आयोजकों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया। वहीं, डीन स्टूडेंट वेल्फेयर प्रो. ए.आर. चौधरी ने रेडक्रास महासचिव का समय निकालकर स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करने के लिए धन्यवाद किया।

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