
Amit Bhatt, Dehradun: राजपुर क्षेत्र में अजंता होटल के मालिक के घर पर हुई लूट की घटना का दून पुलिस ने शानदार खुलासा करते हुए यह साबित कर दिया कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून से बच नहीं सकता। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के सख्त निर्देशन और दमदार नेतृत्व में पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर इस गंभीर घटना का अनावरण कर दिया।
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि लूट की साजिश किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार का ही पूर्व ड्राइवर ने रची थी। “घर का भेदी लंका ढाए” की कहावत को सच साबित करते हुए अभियुक्त ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर बुजुर्ग महिला को निशाना बनाया।
क्या है लूट का पूरा मामला
दिनांक 18 जनवरी 2026 की तड़के थाना राजपुर को कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि राजपुर रोड, सांकिया हॉस्पिटल के पास स्थित अजंता होटल के मालिक भुवन गांधी के आवास में उनकी बुजुर्ग माता से डराकर लूट की गई है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक राजपुर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उच्चाधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उनका पुत्र 16 जनवरी को परिवार को छोड़ने दिल्ली गया था। उसी दौरान 17 जनवरी की रात दो अज्ञात व्यक्ति कमरे में घुस आए, उन्हें डराया-धमकाया और अलमारी में रखी ज्वैलरी व नगदी लूटकर मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। पीड़ित के पुत्र भुवन गांधी की तहरीर पर थाना राजपुर में अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपराधियों के हौसले पस्त
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया। सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों के सहारे पुलिस ने कड़ी मेहनत से सुराग जुटाए। आखिरकार 21 जनवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर किरसाली चौक से मालदेवता रोड के बीच योगराज फार्म बैंड के पास चेकिंग के दौरान तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से घटना में लूटा गया शत-प्रतिशत माल, नगदी और वारदात में प्रयुक्त वैगन आर कार बरामद की गई।
पूर्व ड्राइवर निकला साजिशकर्ता
पूछताछ में मुख्य अभियुक्त शफात अली ने स्वीकार किया कि वह पहले वादी के घर में ड्राइवर था, लेकिन कोरोना काल में नौकरी से हटा दिया गया था। हालांकि, पीड़िता कभी-कभार उसे गुरुद्वारे जाने के लिए बुला लेती थीं। इसी दौरान उसे घर की अंदरूनी स्थिति, बुजुर्ग महिला के अकेले रहने और घर में सीसीटीवी न होने की पूरी जानकारी हो गई।
इस जानकारी का फायदा उठाकर उसने अपने साले नदीम और रिश्तेदार इश्तियाक के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। 17 जनवरी की रात तीनों अभियुक्त पिछली दीवार फांदकर घर में दाखिल हुए और खुली खिड़की के रास्ते अंदर घुसकर वारदात को अंजाम दिया।
बरामदगी ने बढ़ाई पुलिस की सफलता
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से लगभग 8 लाख रुपये मूल्य की ज्वैलरी, 1 लाख 54 हजार रुपये नगद, पीड़िता का आईफोन और वारदात में प्रयुक्त वैगन आर कार बरामद की है।
दून पुलिस की सराहनीय भूमिका
इस पूरे ऑपरेशन में थाना राजपुर पुलिस और एसओजी टीम की अहम भूमिका रही। टीमवर्क, त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ के चलते दून पुलिस ने न सिर्फ बुजुर्ग महिला को न्याय दिलाया, बल्कि शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर आम जनता का भरोसा भी मजबूत किया है। यह खुलासा एक बार फिर साबित करता है कि दून पुलिस अपराध के खिलाफ पूरी मजबूती से खड़ी है और अपराधियों के लिए देहरादून अब सुरक्षित ठिकाना नहीं रहा।



