
Rankumar Dhiman, Dehradun: शराब तस्करी पर एक और बड़ा शिकंजा कसते हुए आबकारी विभाग की ऋषिकेश टीम तथा जनपदीय प्रवर्तन दल देहरादून की संयुक्त छापामार कार्रवाई में तड़के रायपुर क्षेत्र में भारी मात्रा में English liquor बरामद की गई। कार्रवाई का नेतृत्व आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट ने किया। उनके सख्त तेवर से तस्करों के मंसूबे कामयाब नहीं हो पा रहे।
गुप्त सूचना पर सिल्ला मोटर मार्ग, सरखेत के पास घेराबंदी कर स्विफ्ट डिज़ायर कार संख्या CH01BM 2080 को रोका गया। तलाशी में कार की डिग्गी व केबिन से 09 पेटियों में भरी 108 बोतलें अंग्रेजी शराब (Royal Stag एवं Imperial Blue) बरामद हुईं। सभी बोतलों पर “For Sale in Chandigarh Only” यानी चंडीगढ़ में बिक्री के लिए अधिकृत अंकित पाया गया, जिससे तस्करी की पुष्टि हुई।
मौके से वाहन चालक/अभियुक्त सुरेश कुमार पुत्र रामस्वरूप, निवासी रणजीत नगर, खरड़, मोहाली (पंजाब) को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम की धारा 63/72 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह चंडीगढ़ से यह शराब उत्तराखंड में अवैध बिक्री के लिए लेकर आ रहा था।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की तस्करी से न केवल राज्य सरकार को भारी राजस्व हानि होती है, बल्कि मिलावटी व अवैध शराब के सेवन से जन–धन की हानि भी संभावित रहती है। विभाग ने जनता से अपील की है कि अवैध शराब की बिक्री या भंडारण की सूचना तुरंत आबकारी विभाग को दें।
इस कार्रवाई में आबकारी निरीक्षक के साथ उपनिरीक्षक आशीष प्रकाश, अर्जुन सिंह, राकेश सिंह, हेमंत सिंह, गोविंद सिंह (हेड कांस्टेबल) तथा अंकित कुमार व आशीष चौहान (आबकारी कांस्टेबल) शामिल रहे।
प्रेरणा बिष्ट: तस्करों की ‘नाइटमेयर’ बन चुकीं आबकारी निरीक्षक
आबकारी निरीक्षक प्रेरणा बिष्ट लगातार एक के बाद एक बड़ी कार्रवाइयों के लिए सुर्खियों में हैं। बीते महीनों में उन्होंने
रायपुर, ऋषिकेश, डोईवाला और आसपास के जंगल व सीमावर्ती क्षेत्रों में कई अवैध शराब तस्करी नेटवर्कों को ध्वस्त किया। भारी मात्रा में अंग्रेजी व देशी शराब की खेपें पकड़ीं, कई वाहन सीज़ किए और दर्जनों अभियुक्तों को जेल भेजा।
लगातार निगरानी, त्वरित कार्रवाई और सटीक खुफिया इनपुट के आधार पर उनके नेतृत्व में टीम ने कई सफल ऑपरेशन चलाए हैं। तस्करों की सक्रियता वाले इलाकों में रात्रि गश्त बढ़ाई और कई रूटों को हाई-रिस्क जोन चिह्नित कराया। उनकी लगातार की गई मुस्तैद कार्रवाई से तस्कर अब रायपुर–देहरादून रूट पर कदम रखने से भी डरने लगे हैं।



