08 छात्राओं संग शिक्षिका क्लास में बेहोशी की हालत में पहुंचीं, मचा हड़कंप
प्रैक्टिकल के दौरान केमिकल की बोतल टूटने से फैला धुआं और छाने लगी थी बेहोशी

Amit Bhatt, Uttarakhand: चंपावत जिले के छमनिया चौड़ क्षेत्र स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब फार्मेसी विभाग की लैब में प्रैक्टिकल के दौरान अचानक केमिकल गैस फैल गई। हादसे में एक शिक्षिका सहित आठ छात्राओं को सांस लेने में तकलीफ हुई और वह बेहोशी की हालत में पहुंच गईं। जिसके बाद सभी को तत्काल उपचार के लिए उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फार्मेसी प्रथम वर्ष की छात्राएं लैब में प्रायोगिक कार्य कर रही थीं। उसी दौरान एक केमिकल से भरी बोतल टेबल से नीचे गिरकर टूट गई। बोतल टूटते ही उससे तेज धुआं निकलने लगा और कुछ ही पलों में गैस पूरे लैब कक्ष में फैल गई। इससे वहां मौजूद छात्राओं और शिक्षिका की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। प्रभारी प्रधानाचार्य अनिल रौतेला ने बताया कि गैस के संपर्क में आने से शिक्षिका शैलजा सहित छात्राएं कामाख्या, काजल, दिया, शिवानी, गुंजन, गरिमा, संजना और निकिता को सांस लेने में परेशानी, चक्कर और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने लगे।
स्थिति गंभीर होती देख कॉलेज प्रशासन ने तुरंत सभी को उप जिला अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि लैब में वेंटिलेशन की व्यवस्था पर्याप्त है, लेकिन केमिकल बोतल टूटने के बाद अचानक उठे धुएं और गैस के कारण यह स्थिति बनी। एहतियातन फिलहाल लैब को बंद कर दिया गया है और पूरे मामले की आंतरिक जांच भी की जा रही है।
उप जिला अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने सभी प्रभावितों का उपचार किया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी, डॉ. ज्ञान प्रकाश और फिजिशियन डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि सभी की हालत अब स्थिर है और किसी की भी स्थिति गंभीर नहीं है। सुरक्षा की दृष्टि से सभी को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
घटना के बाद कॉलेज परिसर में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल रहा, हालांकि समय पर इलाज मिलने से बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अस्पताल पहुंचकर उपचार में सहयोग किया।



