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युवती को घुटने मोड़कर बैठाया और सिर कर दिया था धड़ से अलग, हत्यारा मौत की सजा टालने पहुंचा हाई कोर्ट

हाई कोर्ट ने नहीं दी राहत, अंतिम फैसला रखा गया सुरक्षित

Amit Bhatt, Dehradun: शादी के प्रस्ताव को ठुकराने पर घर में घुसकर युवती की नृशंस हत्या करने के मामले में दोषी करार दिए गए दो अभियुक्तों को Uttarakhand High Court से फिलहाल कोई राहत नहीं मिल सकी। खंडपीठ ने दोनों की रिहाई की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई के बाद मामले को अंतिम फैसले के लिए सुरक्षित रख लिया।

सोमवार को न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की पीठ ने सरकार और बचाव पक्ष की दलीलें सुनीं। अभियुक्त रिहान और हैदर ने सजा से छुटकारा मिलने की प्रार्थना करते हुए रिहाई की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।

12 जून 2025 को रुड़की की प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट ने हत्या के दोषी हैदर को मृत्युदंड और रिहान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि हैदर को फांसी तब तक दी जाए जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना और भुगतान न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कठोर कारावास भी जोड़ा गया था।

मामला वर्ष 2021 का है, जब मृतका निधि के भाई ने थाना गंगनहर, तहसील Roorkee में शिकायत दर्ज कराई थी। उसके अनुसार, हैदर लंबे समय से उसकी बहन पर शादी के लिए दबाव बनाता था। परिवार के सदस्य घर पर नहीं थे, तभी वह अपने दो साथियों के साथ घर में घुसा और तीनों ने मिलकर युवती की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या से पहले युवती को घुटने मोड़कर बैठाया गया और फिर गला धड़ से अलग कर दिया गया था।

पोस्टमार्टम और जांच में सामने आया कि आरोपियों ने उसका गला तेज धारदार हथियार से काटा था। मामले की सुनवाई में अभियोजन ने 13 गवाह पेश किए और यह साबित किया कि हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी तथा अन्य साथी भी अपराध में सहभागी थे। इसलिए सभी को कठोर दंड मिलना चाहिए। हाई कोर्ट अब इस मामले पर अंतिम निर्णय सुनाएगा।

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