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42 करोड़ के लेन-देन विवाद में मारी गई अर्जुन को गोली? पुलिस से शिकायत कर बताया था जान का खतरा

शहीद कर्नल के बेटे और गैस एजेंसी संचालक की दिनदहाड़े हत्या से खड़े हुए गंभीर सवाल

Amit Bhatt, Dehradun: देहरादून के तिब्बती मार्केट-परेड ग्राउंड क्षेत्र में 40 वर्षीय अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि उन चेतावनियों, शिकायतों और सुरक्षा मांगों की अनदेखी का परिणाम बनती जा रही है, जो पहले से पुलिस प्रशासन और सिस्टम के रिकॉर्ड में मौजूद थीं।

अर्जुन शर्मा, जीएमएस रोड स्थित भारत गैस एजेंसी के संचालक थे। वह कर्नल आरसी शर्मा के पुत्र थे और आईटीबीपी क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। बुधवार सुबह वह परेड ग्राउंड में लॉन टेनिस खेलने पहुंचे थे। खेल समाप्त होने के बाद जब वह अपनी मैरून रंग की जीप में बैठने लगे, तभी स्कूटी पर आए दो युवकों ने बेहद करीब से उन पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे उनकी छाती में लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक अर्जुन की मौत हो चुकी थी।

घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गुस्साए व्यापारियों ने तिब्बती मार्केट कुछ देर के लिए बंद कर दिया। यह वारदात उस क्षेत्र में हुई जिसे राज्य का हाई-सिक्योरिटी ज़ोन माना जाता है — सचिवालय, पुलिस मुख्यालय और देहरादून प्रेस क्लब से कुछ ही दूरी पर।

पहले से क्यों था जान का खतरा, दर्ज की थी शिकायत
पुलिस की प्रारंभिक जांच और सामने आए तथ्यों के अनुसार अर्जुन शर्मा पहले से गंभीर पारिवारिक और संपत्ति विवादों में घिरे हुए थे। हालात इतने तनावपूर्ण हो चुके थे कि उनकी मां ने हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अपने ही बेटे से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। यह मामला केवल घरेलू विवाद नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बन चुका था।

इसके अलावा अर्जुन खुद भी कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर अपनी सुरक्षा को लेकर शिकायतें दे चुके थे। उनका उन्हें मिल रही धमकियों और विवादों की जानकारी सिस्टम के पास थी, लेकिन किसी भी स्तर पर न सुरक्षा दी गई और न ही निगरानी की कोई ठोस व्यवस्था की गई। मृतक के साथ कई वर्षों से काम कर रहे विजय ने आरोप लगाया कि अर्जुन शर्मा का विजय उनियाल नाम के व्यक्ति के साथ प्रॉपर्टी को लेकर करीब 40 से 42 करोड़ रुपये का लेनदेन विवाद चल रहा था। विजय का दावा है कि अर्जुन को पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी थीं। इस संबंध में वसंत विहार थाने और एसएसपी को कई बार शिकायत दी गई थी।

दोस्त का बयान: धमकियां, एफआईआर और रिकॉर्डिंग मौजूद
घटना के बाद अर्जुन के करीबी दोस्त राजीव यादव ने खुलासा किया कि प्रॉपर्टी विवाद को लेकर उन्हें भी लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। धमकी देने वाला व्यक्ति बिहार की बेऊर जेल से कॉल कर रहा था। इस मामले में उन्होंने एसएसपी को लिखित शिकायत दी, एफआईआर दर्ज कराई और कॉल रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी गई।

राजीव यादव के अनुसार अर्जुन भी इसी तरह के विवादों से घिरे हुए थे। उन्होंने कई बार बताया था कि उन्होंने पुलिस और अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संपत्ति विवाद को लेकर अर्जुन की मां के साथ सिविल कोर्ट में मामला भी चल रहा था। मानसिक दबाव के कारण वह लंबे समय से तनाव और डिप्रेशन में भी बताए जा रहे थे।

घर से खेल के लिए निकले थे, वापस नहीं लौटे
नौकरानी रजनी नेगी के अनुसार अर्जुन शर्मा सुबह करीब आठ बजे वसंत विहार स्थित किराए के मकान से कॉफी पीकर निकले थे। परिवार फिलहाल किराए के मकान में रह रहा था, जबकि उनका मूल घर टपकेश्वर क्षेत्र में निर्माणाधीन है। उनकी मां और बड़ा भाई इंद्रानगर स्थित घर में रहते हैं। पत्नी अभिलाषा शर्मा गृहिणी हैं। अर्जुन अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों — लगभग तीन साल की बेटी और पांच साल के बेटे — को छोड़ गए हैं।

पिता शहीद, मां के नाम एजेंसी
अर्जुन शर्मा के पिता सेना में शहीद हुए थे, जिसके बाद भारत गैस एजेंसी उनकी मां वीना शर्मा के नाम आवंटित की गई थी। बाद में अर्जुन शर्मा इस एजेंसी का संचालन कर रहे थे।

हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में वारदात
घटना स्थल राज्य के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में शामिल है। सचिवालय, पुलिस मुख्यालय और प्रेस क्लब से कुछ ही दूरी पर अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि स्कूटी सवार हमलावरों की पहचान की जा सके।

आईजी बोले, पुलिस की लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि सुबह लगभग 10:30 बजे अर्जुन शर्मा पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की। गंभीर अवस्था में उन्हें दून अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि एसएसपी देहरादून मौके पर पहुंचे हैं, साक्ष्य एकत्र किए गए हैं और घटना का शीघ्र खुलासा किया जाएगा। आने वाले दिनों में देहरादून एसएसपी के साथ समीक्षा बैठक कर कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
14 दिनों में 4 हत्याएं: देहरादून में बढ़ती हिंसा का पैटर्न
देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में बीते

02 हफ्ते में चार बड़ी हत्याओं ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
29 जनवरी — विकासनगर:
12वीं की छात्रा मनीषा तोमर (18) की हत्या। चचेरा भाई दवा दिलाने के बहाने घर से ले गया था।
31 जनवरी — ऋषिकेश:
घर में घुसकर महिला की गोली मारकर हत्या। आरोपी वारदात के बाद फरार। दोनों पहले पति-पत्नी थे और तलाक के बाद अलग रह रहे थे।
02 फरवरी — पलटन बाजार, देहरादून:
भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र में 23 वर्षीय युवती गुंजन की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या। घटना के बाद बाजार बंद कराया गया।
11 फरवरी — तिब्बती मार्केट, देहरादून:
40 वर्षीय अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या।

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