
Round The watch News: राजधानी देहरादून के तिब्बती मार्केट के पास हुई कर्नल पुत्र अर्जुन शर्मा की हत्या ने प्रदेशभर में सनसनी फैला दी थी। अब इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मामले की गुत्थी लगभग सुलझा लेने का दावा किया है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के सख्त निर्देशों के बाद दून पुलिस एक्शन मोड में है। हत्याकांड के बाद फरार शूटरों यमकेश्वर पौड़ी निवासी दो भाइयों राजू और पंकज राणा के पैरों में गोली लगने और उनकी गिरफ्तारी के बाद न सिर्फ पुलिस ने राहत की सांस ली, बल्कि शूटरों ने हत्याकांड के पीछे मुख्य साजिशकर्ता कारोबारी विनोद उनियाल को बताया है। विनोद को मृतक अर्जुन की मां का करीबी बताया गया है। मृतक अर्जुन की पत्नी अभिलाषा ने बुधवार को अपनी सास बीना शर्मा, विनोद उनियाल, उसकी पत्नी संगीता उनियाल और एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के मालिक डॉ. अजय खन्ना के विरुद्ध हत्या करवाने के संदेह पर एफआईआर दर्ज कराई।
क्या है पूरा मामला?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड के पीछे कारोबारी विनोद उनियाल को मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विनोद और मृतक अर्जुन की मां बीना शर्मा के बीच करीबी संबंध थे। बताया जा रहा है कि अर्जुन के पिता, जो सेना में कर्नल थे, की शहादत के बाद विनोद परिवार के संपर्क में आया और कथित तौर पर परिवार की संपत्तियों के सौदों में दखल देने लगा।
सूत्रों के मुताबिक, अर्जुन को आशंका थी कि उसकी हिस्सेदारी की जमीन भी बेची जा सकती है। इसी को लेकर परिवार में तनाव बढ़ता गया। बताया यह भी जा रहा है कि अर्जुन की मां ने पूर्व में अपने बेटे से खतरे की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट से सुरक्षा की गुहार लगाई थी।
मुठभेड़ में पंकज के साथ दबोचा गया राजू है विनोद का ड्राइवर
पुलिस मुठभेड़ में जब राजू अपने भाई पंकज के साथ दबोचा गया तो उसने पूरी कहानी उगल दी। राजू विनोद उनियाल का ड्राइवर बताया जा रहा है। अर्जुन की हत्या के लिए उन्हें डील के रूप में 12 से 15 लाख रुपये मिलने थे। दोनों से गहन पूछताछ जारी है।
किनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर?
मृतक की पत्नी अभिलाषा शर्मा की तहरीर पर थाना Dalanwala Police Station में प्राथमिकी दर्ज की गई। एफआईआर में बीना शर्मा, कारोबारी विनोद उनियाल, उनकी पत्नी संगीता उनियाल और एसके मेमोरियल हॉस्पिटल के मालिक डॉ. अजय खन्ना को नामजद किया गया है।
सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जांच की दिशा तय, कई और नाम होंगे सामने
पुलिस का कहना है कि संपत्ति विवाद, आपसी संबंधों में तनाव और कथित साजिश—इन सभी पहलुओं को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तार शूटरों से पूछताछ में कुछ और बड़े नामों के सामने आने की संभावना है।
आगे की कार्रवाई क्या होगी?
दून पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट तैयार की जाएगी। हाई-प्रोफाइल होने के कारण मामले की हर गतिविधि पर वरिष्ठ अधिकारियों की नजर है। यह हत्याकांड न केवल पारिवारिक विवाद की भयावह परिणति की ओर इशारा करता है, बल्कि संपत्ति और विश्वासघात की जटिल परतों को भी उजागर करता है। आने वाले दिनों में पुलिस खुलासे के साथ पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और साफ कर सकती है।



