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गैंगस्टर ने देहरादून में कैसे अर्जित कर ली 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति, हत्या के बाद पुलिस को मिल रहे इनपुट्स

उत्तराखंड में रियल एस्टेट और खनन में के लगे पैसों और विक्रम से उनके कनेक्शन की बारीक जांच

Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून के बीचोंबीच हुए कुख्यात झारखंडी गैंगस्टर Vikram Sharma हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि वर्ष 2021 में झारखंड जेल से सशर्त जमानत पर रिहा होने के बाद देहरादून में रह रहे शर्मा ने शहर में 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित कर ली थी। जाहिर है यह सब इतनी आसानी से नहीं हुआ। कहीं न कहीं विक्रम शर्मा जैसे गैंग्स्टर के लिए सिस्टम की अनदेखी ने राह आसान की। क्योंकि, गैंगस्टर की हत्या के बाद विक्रम शर्मा की कुमाऊं के कमिश्नर दीपक रावत के साथ फोटो, उन्हें मित्र के रूप में संबोधित करने, प्रयागराज के डीएम की ओर से शपथ ग्रहण के पास जारी करने और सत्ता के निकट होने की कई तस्वीरें सामने आ रही हैं।

पुलिस के हाथ लगे अहम सुराग
आईजी राजीव स्वरूप ने बताया कि जांच टीमों को हत्या के मकसद और आरोपियों से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं। हालांकि, आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने आधिकारिक रूप से अधिक जानकारी साझा नहीं की है

15 दिन का विशेष सत्यापन अभियान
विक्रम की हत्या के बाद गढ़वाल परिक्षेत्र के आईजी Rajeev Swaroop ने 15 दिन का विशेष सत्यापन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत प्रॉपर्टी डीलरों, बिल्डरों, खनन और निर्माण कारोबार से जुड़े लोगों की पृष्ठभूमि और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। ताकि विक्रम के कनेक्शन साफ किए का सके हैं और इसी राह पर आगे बढ़ते दिख रहे मामलों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

आईजी ने कहा कि यदि किसी के खिलाफ अवैध लेनदेन या कानून उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को आशंका है कि अवैध धन को रियल एस्टेट और खनन कारोबार में खपाया गया हो सकता है। इसी तरह की धनराशि अपराध, रंगदारी और हत्या जैसे गंभीर मामलों को जन्म देती है।

बाजपुर में स्टोन क्रशर प्लांट, अनुमति खोलेगी राज
जांच में यह भी सामने आया है कि शर्मा ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र में एक स्टोन क्रशर प्लांट भी संचालित कर रहा था। खनन और रियल एस्टेट के जरिए उसने भारी निवेश किया था। जाहिर है यह सब मनी लांड्रिंग का हिस्सा भी हो सकता है। पुलिस और प्रशासन की जांच इस ओर भी बढ़ रही है कि विक्रम को क्रशर की अनुमति कैसे मिली। इस बात से पर्दा उठने पर विक्रम के कनेक्शन भी जाहिर होंगे।

हत्या के पीछे रंगदारी विवाद की आशंका
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार हत्या के पीछे रंगदारी की रकम के बंटवारे को लेकर विवाद हो सकता है। शक की सुई झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर Akhilesh Singh की ओर घूम रही है, जिसे शर्मा का करीबी और शिष्य माना जाता है। सिंह फिलहाल झारखंड के दुमका सेंट्रल जेल में बंद है। पुलिस इस एंगल पर गंभीरता से जांच कर रही है और झारखंड पुलिस के साथ समन्वय बनाए हुए है।

राज्यव्यापी सघन सत्यापन अभियान
इस बीच उत्तराखंड के डीजीपी Deepam Seth ने पूरे प्रदेश में सघन सत्यापन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों, अवैध विदेशी नागरिकों और बाहरी तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान पुलिस, एसटीएफ, एसओजी और एलआईयू की संयुक्त टीमों द्वारा चलाया जाएगा।

शहर में बढ़ी सुरक्षा, खंगाले जा रहे रिकॉर्ड
हत्या के बाद देहरादून में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस प्रॉपर्टी रजिस्ट्रियों, बैंक लेनदेन और खनन लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। देहरादून जैसे शांत माने जाने वाले शहर में दिनदहाड़े हुई इस हाई-प्रोफाइल हत्या ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में जांच के और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।

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