शिक्षिका ने चाकू से छात्रों के बाल काटे, ब्लेड से फाड़ी ड्रेस
अल्मोड़ा के सरकारी स्कूल में मुस्लिम शिक्षिका पर आरोप, एसडीएम ने रिपोर्ट तलब की

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) बांगीधार में शिक्षिका आरजू अफरोज अंसारी पर 12वीं कक्षा के 05 छात्रों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि भूगोल प्रवक्ता आरजू अफरोज अंसारी ने अनुशासन के नाम पर छात्रों के बाल काट दिए, उनकी स्कूल ड्रेस ब्लेड से फाड़ दी, कॉपियां और दो छात्राओं की नोटबुक के पन्ने भी फाड़ दिए। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है और प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित छात्रों के अनुसार घटना के दौरान होमवर्क पूरा नहीं होने पर शिक्षिका ने उन्हें कक्षा से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उन्होंने ब्लेड का इस्तेमाल कर उनकी यूनिफॉर्म फाड़ दी और चाकू मंगवाकर उनके बाल काट दिए। छात्रों का कहना है कि यह सब अन्य विद्यार्थियों के सामने किया गया, जिससे उन्हें गहरा मानसिक आघात और अपमान का सामना करना पड़ा।
छात्रों ने यह भी बताया कि शिक्षिका पहले भी 2-3 बार बाल छोटे कराने की चेतावनी दे चुकी थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि समय पर बाल नहीं कटवाना उनकी गलती थी, लेकिन उनके अनुसार दी गई सजा अनुचित और अपमानजनक थी।
पांच छात्र बताए गए पीड़ित
घटना में जिन छात्रों के प्रभावित होने की बात सामने आई है, उनमें सौरभ, अनुज नेगी, सूरज बिष्ट, योगेश शर्मा और योगेश जोशी शामिल हैं। आरोप है कि शिक्षिका ने उनकी कॉपियां भी फाड़ दीं, जबकि दो छात्राओं की नोटबुक के पन्ने भी नुकसान पहुंचाए गए।
घर पहुंचने पर खुला मामला
बुधवार को जब छात्र फटी हुई यूनिफॉर्म और कटे हुए बालों के साथ घर पहुंचे तो उन्होंने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। इसके बाद परिजनों में नाराजगी फैल गई और अगले दिन गुरुवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण, ग्राम प्रधान, स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता स्कूल पहुंच गए। करीब दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने शिक्षिका के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और उन्हें सेवा से हटाने की मांग की।
शिक्षिका ने दिया लिखित माफीनामा
विवाद बढ़ने पर भूगोल प्रवक्ता आरजू अफरोज अंसारी ने विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र बगोरिया को लिखित माफीनामा सौंपा। माफीनामे में उन्होंने भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न होने का आश्वासन दिया। इसके तुरंत बाद वह आवश्यक कार्य का हवाला देते हुए अवकाश लेकर स्कूल से चली गईं। इस कदम से परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया।
प्रशासन ने गठित की जांच समिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए सल्ट के एसडीएम रिंकू बिष्ट ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर 26 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट प्रधानाचार्य और एसडीएम को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने क्या कहा
सल्ट थाना प्रभारी कश्मीर सिंह के अनुसार, समाचार लिखे जाने तक परिजनों की ओर से कोई लिखित एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी। उन्होंने बताया कि विद्यालय स्तर पर गठित जांच समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल इस घटना की जांच जारी है और प्रशासन की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।



