केतन हत्याकांड में नया मोड़: नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी दिवाकर डिमरी गिरफ्तार, चेतावनी के बीच पुलिस की कार्रवाई
डीएम को ज्ञापन और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी के बाद हरकत में आई पुलिस, एसएसपी ने कहा, जांच अभी भी जारी

Rajkumar Dhiman, Dehradun: टिहरी के प्रतापनगर क्षेत्र के बहुचर्चित केतन लाल हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इस बार मामला नाबालिग से कथित दुष्कर्म के आरोप में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। लंबगांव थाना पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित दिवाकर डिमरी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की यह कार्रवाई उस समय हुई, जब पीड़िता की मां ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी नहीं होने पर बुधवार से जिला मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और अनशन शुरू करने की चेतावनी दी थी।
पीड़िता की मां और क्षेत्र के लोगों का आरोप था कि 11 जुलाई को न्यायालय के आदेश पर लंबगांव थाने में पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज होने तथा पीड़िता के न्यायालय में धारा-164 के बयान दर्ज होने के बावजूद पुलिस मुख्य आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर रही थी। इसे लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण लामबंद हो गए थे। पहले लंबगांव क्षेत्र में सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया और बाद में जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की गई। लोगों ने विवेचना अधिकारी को हटाकर निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई थी।
ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस लगातार जांच का हवाला देकर कार्रवाई टाल रही है, जबकि पॉक्सो जैसे गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़िता के स्वजनों ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी में देरी के कारण नाबालिग मानसिक तनाव से गुजर रही है। आंदोलन की चेतावनी के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की और ग्राम देवल निवासी दिवाकर डिमरी को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर नियमानुसार न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना अभी भी गहनता से जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट, डिजिटल सबूतों तथा गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाईकोर्ट के निर्देश पर दर्ज हुआ था मुकदमा
यह मामला तब नया मोड़ ले गया था, जब प्रतापनगर विकासखंड निवासी एक महिला ने आरोप लगाया कि 7 जून की रात मृतक केतन लाल और उसका मित्र दिवाकर डिमरी उनके घर में घुस आए थे और उनकी नाबालिग बेटी के साथ जबरदस्ती की थी। महिला का आरोप था कि स्थानीय पुलिस ने शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उन्होंने नैनीताल हाईकोर्ट की शरण ली। न्यायालय के निर्देश पर नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म और गर्भवती होने की पुष्टि के बाद केतन लाल और दिवाकर डिमरी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना महिला उपनिरीक्षक हेमलता को सौंपी गई थी।
केतन हत्याकांड कैसे शुरू हुआ
देवल गांव निवासी 18 वर्षीय केतन लाल इंटरमीडिएट का छात्र था। बताया गया कि उसका गांव की एक नाबालिग लड़की से प्रेम संबंध था। आरोप है कि 7 जून की रात वह लड़की के बुलावे पर अपने मित्र दिवाकर डिमरी के साथ बाइक से उसके गांव पहुंचा था। आरोप है कि वहां लड़की के परिजनों ने दोनों युवकों को पकड़कर एक कमरे में बंद कर रातभर बेरहमी से पीटा। अगली सुबह दोनों गंभीर हालत में मिले। केतन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लंबगांव ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई, जबकि घायल दिवाकर को एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।
घटना के बाद पुलिस ने केतन की मौत के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान नाबालिग लड़की के पिता, दादा समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
दो समानांतर मामलों की जांच जारी
फिलहाल इस चर्चित प्रकरण में दो अलग-अलग आपराधिक मामलों की जांच चल रही है। एक ओर केतन लाल की मौत के मामले में हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई जारी है, जबकि दूसरी ओर नाबालिग से कथित दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में अब मुख्य आरोपित दिवाकर डिमरी की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि दोनों मामलों में अंतिम निष्कर्ष पुलिस विवेचना और न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।



