नंदा की चौकी पुल मामले में बड़ी कार्रवाई, तीन इंजीनियर निलंबित, डिजाइन कंसल्टेंट पर भी गिरेगी गाज
प्रारंभिक जांच में डिजाइन और तकनीकी निगरानी में गंभीर लापरवाही उजागर, शासन ने एचओडी को दिए कार्रवाई के निर्देश

Rajkumar Dhiman, Dehradun: देहरादून-पांवटा पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी के नए पुल का एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त होने के मामले में उत्तराखंड शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में गंभीर तकनीकी लापरवाही सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तीन अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही संबंधित डिजाइन कंसल्टेंट और प्रूफ चेकिंग कंसल्टेंट के विरुद्ध कार्रवाई के लिए विभागाध्यक्ष (एचओडी) को निर्देश जारी किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि पुल निर्माण के दौरान रिवर डायवर्जन वर्क का डिजाइन तैयार नहीं किया गया। नदी के प्राकृतिक बहाव (Meandering Nature), रिवर बेड के क्रॉस स्लोप और रिवर ट्रेनिंग से जुड़े आवश्यक तकनीकी उपायों की अनदेखी की गई। इसके कारण नदी का प्रवाह एक ओर केंद्रित हो गया, जिससे पुल के एबटमेंट के अपस्ट्रीम हिस्से में भारी कटाव (Heavy Scouring) हुआ और एप्रोच रोड में कैविटी बनने से वह क्षतिग्रस्त हो गया।
शासन ने अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, सहायक अभियंता अमित त्यागी और कनिष्ठ अभियंता नवीन गैरोला को सरकारी कार्यों में घोर लापरवाही, पर्यवेक्षण में शिथिलता तथा दायित्वों के समुचित निर्वहन में गंभीर त्रुटि का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तीनों अधिकारियों को निलंबन अवधि में मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
इसके अलावा शासन ने प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजकर संबंधित डिजाइन कंसल्टेंट और प्रूफ चेकिंग कंसल्टेंट के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विशेषज्ञों की सलाह के अनुरूप पुल की सुरक्षा के लिए कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने को भी कहा गया है।



