स्कूल में भरा पानी तो बच्चों को बसों में भरकर नगर निगम जा पहुंचे शिक्षक, आयुक्त के कमरे में ही लगा डाली क्लास
जलभराव को लेकर आंदोलन के इस तरीके ने अफसरों के माथे पर डाला बल

Rajkumar Dhiman, Dehradun: जनसमस्या को अपनी नियति मानकर चुप बैठने की जगह अब नागरिकों की मुट्ठियां तनने लगी हैं। जेनजी आंदोलन से शुरू हुई विरोध प्रदर्शन की निर्णायक लड़ाई में अब जेन अल्फा भी पीछे नजर नहीं आ रहे। रुड़की में आंदोलन का ऐसा ही अप्रत्याशित रूप देखने को मिला। कृष्णा नगर स्थित स्काईवर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पानी भरा और प्रवेश करने की कोई राह नजर नहीं आई तो बच्चे तीन स्कूल बसों में बैठे और शिक्षकों के साथ सीधे नगर निगम में धमक पड़े। इतना ही नहीं एक शिक्षक ने नगर आयुक्त के कमरे में ही क्लास लगा डाली और बच्चों को पढ़ाने लग गए।
स्कूल के बाहर जलभराव से बच्चों में खासा आक्रोश
बच्चों और शिक्षकों का कहना था कि स्कूल के बाहर कई-कई फीट तक पानी भरा हुआ है। इससे विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। जलभराव की समस्या को लेकर बच्चों और शिक्षकों में नगर निगम के खिलाफ खासा आक्रोश दिखाई दिया। इसी समस्या का समाधान कराने की मांग को लेकर वे निगम कार्यालय पहुंचे।
नगर आयुक्त के कार्यालय में जमकर विरोध
बच्चों और शिक्षकों ने नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल के कार्यालय में पहुंचकर विरोध भी जताया। उनका कहना था कि स्कूल के बाहर पानी जमा होने से विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ रही है और इस समस्या का तत्काल समाधान होना चाहिए। तीन बसों में बच्चों के निगम पहुंचने से कार्यालय परिसर में भी काफी देर तक हलचल रही। यहां तक कि खलबली मचने जैसी स्थिति पैदा हो गई। वहीं, शिक्षक नगरायुक्त ऑफिस में बच्चों को पढ़ाते रहे और दूसरी ओर जलभराव की समस्या के समाधान की मांग को लेकर विरोध भी चलता रहा।
बच्चों का सवाल—स्कूल जाएं या पानी से गुजरें?
जलभराव की समस्या ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल के बाहर पानी भरने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है, इसका अंदाजा तीन बसों में बच्चों के निगम कार्यालय पहुंचने से लगाया जा सकता है। अब देखना यह है कि बच्चों के इस विरोध के बाद नगर निगम स्कूल के बाहर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान कब तक करता है।



