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शादी का झांसा, सरकारी नौकरी का लालच और 32 लाख की ठगी! शातिर चारू चंद्र नेपाल भागने से पहले गिरफ्तार

खुद को ड्रग इंस्पेक्टर बताकर नर्सिंग असिस्टेंट को बनाया निशाना, स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का दिया था भरोसा; पिथौरागढ़ के एंचोली से दबोचा गया आरोपी

Rajkumar Dhiman, Dehradun: स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक नर्सिंग असिस्टेंट से करीब 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने पिथौरागढ़ के एंचोली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पिथौरागढ़ के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी चारू चंद्र जोशी (34) ने खुद को स्वास्थ्य विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए विभाग के उच्चाधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा किया था। आरोप है कि उसने एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत महिला को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने और शादी करने का झांसा दिया। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में उससे करीब 32 लाख रुपये ले लिए।

शादी डॉट कॉम के जरिये हुई थी मुलाकात

पीड़िता ने 17 अगस्त को नेहरू कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक उसकी आरोपी से मुलाकात शादी डॉट कॉम के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने खुद को स्वास्थ्य विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए अधिकारियों से अच्छी पहचान होने की बात कही और सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी के खिलाफ नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी सहित कई अन्य मामले पहले से दर्ज हैं और वह पूर्व में जेल भी जा चुका है।

ठिकाने बदल रहा था, पिथौरागढ़ से पकड़ा गया

पुलिस ने सर्विलांस और अन्य माध्यमों से आरोपी की तलाश शुरू की। इस दौरान जानकारी मिली कि पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है और पिथौरागढ़ के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश में है। सूचना पर देहरादून पुलिस ने पिथौरागढ़ पुलिस से समन्वय स्थापित किया। पुलिस टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर 21 अगस्त को पिथौरागढ़ के एंचोली क्षेत्र से चारू चंद्र जोशी को गिरफ्तार कर लिया। स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद उसे देहरादून लाया गया।

पहले स्वास्थ्य विभाग में था फार्मासिस्ट

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2022 में नैनीताल जनपद में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और दुष्कर्म के मुकदमे दर्ज होने के बाद वह जेल गया था। इसके बाद उसे स्वास्थ्य विभाग की नौकरी से हटा दिया गया। पुलिस के मुताबिक, नौकरी से हटने के बाद आरोपी ने अपनी पुरानी विभागीय पहचान और स्वास्थ्य विभाग में काम करने के अनुभव का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करना शुरू कर दिया। वह खुद को स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत बताकर अधिकारियों से पहचान होने का दावा करता और सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं से मोटी रकम ऐंठता था।

परीक्षा एजेंसी या चयन प्रक्रिया से कोई कनेक्शन नहीं मिला

पुलिस की अब तक की जांच में आरोपी द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा देकर लोगों से धोखाधड़ी करने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस को अभी तक किसी परीक्षा एजेंसी अथवा सरकारी भर्ती की चयन प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति के साथ आरोपी के संपर्क में होने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। पूछताछ में सामने आए तथ्यों का पुलिस अभिलेखीय और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वर्तमान मामले में महिला से मिली रकम का अधिकांश हिस्सा अपने खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों के कथित सेटलमेंट में खर्च करने की बात बताई है।

आरोपी के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक चारू चंद्र जोशी के खिलाफ हल्द्वानी, ऋषिकेश, काशीपुर और मुखानी समेत विभिन्न थानों में सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी के कई मामले और वर्ष 2022 का दुष्कर्म से संबंधित मामला भी शामिल है। नेहरू कॉलोनी थाने में दर्ज वर्तमान मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 319(2) के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके द्वारा पूर्व में की गई अन्य धोखाधड़ी की घटनाओं तथा उससे जुड़े लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में नेहरू कॉलोनी थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल, जोगीवाला चौकी प्रभारी गिरीश चंद्र बडोनी, कांस्टेबल विनोद बचकोटी, विपिन सेमवाल तथा एसओजी से हेड कांस्टेबल किरन और कांस्टेबल आशीष राठी शामिल रहे।

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