श्मशान घाट के लिए निकल चुकी थी अंतिम यात्रा, रास्ते में गड्ढे ने बदल दी कहानी, अचानक चलने लगी सांसें
डॉक्टरों ने किडनी फेल और दो बार हार्ट अटैक के बाद मृत घोषित किया था, अंतिम संस्कार का वाहन भी हो चुका था बुक

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे परिवार को अचानक हैरान कर दिया। जिस व्यक्ति को डॉक्टर मृत घोषित कर चुके थे, परिजन जिसकी क्रियाकर्म की तैयारियों में जुट गए थे और जिसके अंतिम संस्कार के लिए वाहन तक बुक हो चुका था, वह श्मशान घाट पहुंचने से पहले ही कथित तौर पर सांस लेने लगा। घटना उस समय हुई, जब अंतिम यात्रा का वाहन सड़क के एक गहरे गड्ढे में जा गिरा और जोरदार झटका लगा।
मामला गीता नगर गली नंबर-5 निवासी साईं राम का बताया जा रहा है। परिजनों के मुताबिक उनकी तबीयत खराब थी। डॉक्टरों ने उनके गुर्दे फेल होने और दो बार हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद परिवार ने अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी।
अंतिम संस्कार के लिए वाहन भी हो चुका था बुक
साईं राम के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों ने मुक्तिधाम सेवा समिति से अंतिम यात्रा वाहन बुक कराया था। समिति की ओर से वाहन और चालक भी तय कर दिए गए। परिवार उस समय तक यही मान रहा था कि अब साईं राम इस दुनिया में नहीं रहे।
अंतिम यात्रा वाहन जब शव को लेकर श्यामपुर रेलवे फाटक के पास से गुजर रहा था, तभी अचानक सड़क के एक गहरे गड्ढे में वाहन का पहिया चला गया। इससे वाहन को जोरदार झटका लगा।
झटके के बाद खुल गईं आंखें, लौट आई सांसें!
परिजनों और समिति से जुड़े लोगों के अनुसार, इसी झटके के बाद साईं राम में अचानक हलचल दिखाई दी। बताया गया कि उन्होंने आंखें खोलीं और उनकी सांसें चलने लगीं। जिस व्यक्ति को कुछ समय पहले मृत माना जा चुका था, उसके जिंदा होने की सूचना मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया।
मुक्तिधाम सेवा समिति के पंकज गुप्ता के अनुसार, दोपहर में साईं राम के अंतिम संस्कार के लिए वाहन की बुकिंग उनके पास आई थी। वाहन और चालक की व्यवस्था भी कर दी गई थी। लेकिन करीब दोपहर 2:30 बजे परिवार की ओर से फोन आया कि बुकिंग रद्द कर दी जाए। पंकज गुप्ता के मुताबिक, बुकिंग रद्द करने की वजह पूछने पर परिवार ने बताया कि एंबुलेंस के गड्ढे में जाने से लगे झटके के बाद साईं राम की सांसें वापस लौट आई हैं।
श्मशान की जगह एम्स पहुंचा परिवार
घटना के बाद अंतिम संस्कार रोक दिया गया। साईं राम को उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। एक ओर जिस परिवार में अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं, वहां अचानक जिंदगी की उम्मीद लौट आई। दूसरी ओर घटना की जानकारी सामने आने के बाद इसे लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं।
आखिर डॉक्टरों ने किस स्थिति के आधार पर साईं राम को मृत घोषित किया था और बाद में उनमें जीवन के संकेत कैसे दिखाई दिए। इन सवालों का स्पष्ट जवाब चिकित्सा जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल, जिस अंतिम यात्रा के लिए चिता सजने वाली थी, वह एम्स तक पहुंच गई है और साईं राम जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।



