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दून में महिला के अपहरण के प्रयास में 19 साल की युवती अन्नू के बाद साथी प्रियांशु गिरफ्तार

मुख्य आरोपी है प्रियांशु, बाकी 03 और साथियों की तलाश

Aryan walia, Dehradun: सहस्रधारा रोड पर रायपुर थाना क्षेत्र में सुषमा नामक महिला को जबरन कार में बैठाने के प्रयास के मामले में दून पुलिस ने एक और गिरफ्तारी की है। 23 सितंबर को नाला पानी चौक के पास हुई घटना में वांछित चल रहे मुख्य अभियुक्त प्रियांशु को पुलिस ने हरिद्वार के नवोदय नगर के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रियांशु अपने साथी दीपक के कहने पर अन्य युवकों के साथ महिला को डराने के लिए देहरादून आया था। मामले में इससे पहले पुलिस एक युवती अन्नू उर्फ चाहत को गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस के मुताबिक, घटना के पीछे महिला और आरोपितों के बीच पैसों के लेन-देन का विवाद सामने आया है। मामले में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

नाला पानी चौक के पास महिला को कार में बैठाने का प्रयास
23 सितंबर 2026 की सुबह करीब 6:50 बजे सुषमा शर्मा ने थाना रायपुर में तहरीर दी थी कि नाला पानी चौक के पास कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें जबरदस्ती कार में बैठाने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायपुर थाना पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम गठित की गई।

पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर संदिग्धों और घटना में इस्तेमाल वाहन के संबंध में जानकारी जुटाई गई। इसके साथ ही पीड़िता और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। तहरीर के आधार पर थाना रायपुर में मु0अ0सं0 394/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में धारा 126(2), 140(3), 61(2) और 62 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

पहले अन्नू उर्फ चाहत की हुई थी गिरफ्तारी
जांच के दौरान पुलिस ने 26 सितंबर को मामले में शामिल चाहत उर्फ अन्नू को सहस्रधारा रोड से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पैसों के लेन-देन को लेकर महिला से विवाद और उसे डराने की योजना के बारे में जानकारी मिली।

पुलिस के मुताबिक, अन्नू ने पूछताछ में बताया कि वह दीपक को करीब 02 साल से जानती है। दोनों अपना कारोबार शुरू करना चाहते थे। इसी सिलसिले में एक परिचित के माध्यम से उनकी मुलाकात सुषमा से हुई थी। पुलिस के अनुसार, अठूरवाला-भानियावाला क्षेत्र में 11 गायों वाली डेयरी को चलाने का सौदा 7.50 लाख रुपये में तय हुआ था। इसके लिए 5 लाख रुपये नकद और 2.50 लाख रुपये का चेक दिया गया था।

अन्नू के बयान के अनुसार, उन्हें बताया गया था कि डेयरी की 11 गायें रोजाना करीब 150 लीटर दूध देती हैं। समझौते के अनुसार दूध पुष्पा नेगी को बेचा जाना था, जिनकी जमीन पर डेयरी संचालित हो रही थी। बाद में गायों से अपेक्षा के मुताबिक दूध नहीं निकलने पर उन्होंने सुषमा से अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि उन्हें काम जारी रखने और शेष रकम में समायोजित करने का आश्वासन दिया गया।

बीमारी के दौरान पैसे मांगने पर बढ़ा विवाद
पुलिस के मुताबिक, अन्नू की तबीयत खराब होने पर उसे ग्राफिक एरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान पैसों की जरूरत पड़ने पर डेयरी से जुड़े दूध के भुगतान में पुष्पा नेगी के पास बचे 1.22 लाख रुपये मांगे गए। पुलिस के अनुसार, पुष्पा ने रकम सुषमा को देने की बात कही।

इसके बाद सुषमा से संपर्क किया गया तो कथित तौर पर उन्हें केवल 10 हजार रुपये दिए गए और बाकी रकम देने से इन्कार कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, इसी को लेकर आरोपित पक्ष और महिला के बीच विवाद बढ़ता गया। आरोपितों का कहना था कि डेयरी में लगाई गई रकम वापस नहीं मिल रही थी और दूध के एवज में मिली रकम भी उन्हें नहीं दी जा रही थी। पुलिस के अनुसार, डेयरी में लगाई गई रकम आरोपितों ने अन्य लोगों से ब्याज पर ली थी, जिसके चलते उन पर भी रकम लौटाने का दबाव था।

डराने की बनाई योजना, कार किराये पर ली
पुलिस के मुताबिक, पैसों को लेकर चल रहे विवाद के बाद अन्नू और दीपक ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सुषमा को डराने की योजना बनाई। इसके लिए कारगी चौक के पास से काले रंग की स्विफ्ट कार किराये पर ली गई। कार लेने के लिए गारंटी के तौर पर अन्नू ने अपनी स्कूटी रखी थी।

पुलिस के अनुसार, घटना से पहले दीपक और अन्नू अपने साथियों से मिलने रोशनाबाद, हरिद्वार गए थे। वहां से आदित्य, लक्की और प्रियांशु के साथ देहरादून लौटे।

23 सितंबर की सुबह योजना के अनुसार दीपक, आदित्य और लक्की स्विफ्ट कार से सहस्रधारा क्षेत्र पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, महिला के शोर मचाने और आसपास के लोगों के मौके की ओर आने के कारण आरोपित पकड़े जाने के डर से वहां से फरार हो गए।

पूछताछ में चार अन्य नाम सामने आए थे
26 सितंबर को अन्नू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पूछताछ के आधार पर घटना में शामिल चार अन्य आरोपितों के नाम सामने आने की जानकारी दी थी। इनमें दीपक पुत्र दिलीप कुमार, सुशांत उर्फ लक्की, आदित्य वशिष्ठ और प्रियांशु शामिल थे। इन सभी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही थीं।

अब प्रियांशु गिरफ्तार
लगातार दबिश के बाद पुलिस ने 27 सितंबर को मामले में वांछित चल रहे प्रियांशु पुत्र स्वर्गीय सुखपाल को हरिद्वार के नवोदय नगर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में प्रियांशु ने बताया कि उसके साथी दीपक का देहरादून की सुषमा नाम की महिला से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। दीपक के कहने पर वह अपने साथी आदित्य और लक्की के साथ महिला को डराने के लिए देहरादून आया था।

पुलिस अब घटना में शामिल अन्य आरोपितों की भूमिका और उनके ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

गिरफ्तार आरोपित का पूरा विवरण
प्रियांशु पुत्र स्वर्गीय सुखपाल, निवासी अन्नकी, रोशनाबाद, थाना सिडकुल, जनपद हरिद्वार। मूल पता ग्राम नगला एहमाद, थाना मंगलौर, जिला हरिद्वार। उम्र 19 वर्ष। मामले में इससे पहले चाहत उर्फ अन्नू पुत्री विनोद कुमार, निवासी गोविंद विहार, डांडा लखौंड, थाना रायपुर, देहरादून, उम्र 19 वर्ष, को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

वांछित आरोपित, तलाश जारी
1. दीपक पुत्र दिलीप कुमार, निवासी विष्णु लोक कॉलोनी, ज्वालापुर, थाना सिडकुल, हरिद्वार।
2. सुशांत उर्फ लक्की पुत्र अनिल कुमार, निवासी ग्राम डोब, तहसील देवप्रयाग, थाना हिंडोलाखाल, जनपद टिहरी गढ़वाल।
3. आदित्य वशिष्ठ पुत्र अमित शर्मा, निवासी औरंगाबाद, थाना सिडकुल, जनपद हरिद्वार।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
– अ.उ.नि. सुनील रावत
– हे.का. दीप प्रकाश
– हे. का. प्रेम पवार
– का. मनोज
– हे.का.किरण कुमार, एसओजी देहरादून
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