सुरक्षा की अनदेखी पर बंजी जंपिंग साइट सील, जिला प्रशासन ने
टिहरी जिला प्रशासन ने की कीर्तिनगर क्षेत्र की बंजी जंपिंग साइट पर कार्रवाई

Rajkumar Dhiman, Dehradun: पर्यटकों की सुरक्षा से खिलवाड़ और नियमों की अनदेखी पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कीर्तिनगर परगना के मलेयागांव स्थित मां गंगा बंजी जंपिंग स्थल को सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने पर सील कर दिया गया। निरीक्षण के दौरान यहां आपातकालीन चिकित्सा उपकरणों की अनुपलब्धता, राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिना पार्किंग व्यवस्था के वाहन खड़े किए जाने और निर्धारित सुरक्षा मानकों में खामियां सामने आईं।
उप जिलाधिकारी कीर्तिनगर पंकज भट्ट की ओर से 15 अक्टूबर को जारी प्रेस नोट के अनुसार, जिला प्रशासन ने जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बंजी जंपिंग स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आई कमियों को पर्यटकों और आमजन की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना गया। इसके बाद संबंधित स्थल को नियमानुसार सील करने की कार्रवाई पूरी की गई।
आपात स्थिति में कैसे मिलेगी मदद?
बंजी जंपिंग जैसी साहसिक पर्यटन गतिविधियों में किसी दुर्घटना या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता अहम होती है। प्रशासन के निरीक्षण में इन उपकरणों का अभाव सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से यातायात और सड़क सुरक्षा प्रभावित होने का खतरा भी रहता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि साहसिक पर्यटन गतिविधियों के संचालन में निर्धारित सुरक्षा मानकों, तकनीकी व्यवस्थाओं और आवश्यक अनुमतियों का पालन अनिवार्य है। किसी भी तरह की लापरवाही से पर्यटकों और आमजन की जान-माल को खतरा पैदा होने की आशंका को गंभीरता से लिया जाएगा।
सील तोड़ी तो होगी कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने सील की गई संपत्ति को जंप मास्टर अनूप सिंह की सुपुर्दगी में दिया है। उन्हें सक्षम अधिकारी के अगले आदेश तक सील संपत्ति के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या तोड़फोड़ नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के गतिविधियों का संचालन भी प्रतिबंधित रहेगा। निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई ने साहसिक पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की अहमियत फिर सामने ला दी है। हालांकि, प्रेस नोट में किसी दुर्घटना का उल्लेख नहीं है। साथ ही, स्थल को दोबारा खोलने की संभावित तारीख या कमियों को दूर करने के लिए तय समयसीमा की जानकारी भी नहीं दी गई है।



