मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, मारपीट से हत्या की साजिश तक के आरोप, अस्पताल में भर्ती
उत्तराखंड सरकार में मंत्री रेखा ने रोते हुए वीडियो किया जारी, कहा साजिश की ऑडियो सुनें, बहुत टूटी हुई दिख रही हैं मंत्री

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड की भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। 15 अक्टूबर 2026 को दर्ज इस मुकदमे में मंत्री ने पति पर शादी के समय वैवाहिक स्थिति छिपाने, दूसरी महिलाओं से कथित संबंध रखने, मारपीट करने, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कंपनियों के निदेशक पद से हटाने के लिए कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का आरोप भी शामिल है। इसके अलावा, एक ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है।
मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की 10 धाराओं और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी SC-ST एक्ट की तीन धाराओं का उल्लेख है। FIR दर्ज कराने के बाद रेखा आर्य ने फेसबुक पर एक वीडियो और पति से संबंधित ऑडियो पोस्ट किया। वीडियो में उन्होंने अपने वैवाहिक रिश्ते को लेकर पीड़ा जाहिर की और कहा कि ऑडियो ने उनके रिश्ते और समर्पण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने यह कदम अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाने की बात कही। इस घटनाक्रम के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं।
FIR में रेखा आर्य ने पति पर क्या-क्या आरोप लगाए?
कैंट थाने में दर्ज FIR के मुताबिक, रेखा आर्य ने अपने पति के खिलाफ वैवाहिक धोखाधड़ी, कथित अवैध संबंधों, मारपीट, जातिगत अपमान, धमकी और दस्तावेजों में कथित जालसाजी सहित कई आरोप लगाए हैं। शिकायत में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग को भी महत्वपूर्ण आधार बताया गया है।
शादी के समय वैवाहिक स्थिति छिपाने का आरोप
FIR के मुताबिक, रेखा आर्य और गिरधारी लाल साहू की शादी 6 जुलाई 2004 को हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शादी के समय गिरधारी लाल साहू ने खुद को अविवाहित बताया था। रेखा आर्य के मुताबिक, शादी के कुछ साल बाद उन्हें पता चला कि उनके पति पहले से विवाहित थे और उनके पूर्व विवाह से बच्चे भी थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि गिरधारी लाल साहू को रेखा आर्य के अनुसूचित जाति का सदस्य होने की जानकारी थी, इसके बावजूद कथित तौर पर उनकी वैवाहिक स्थिति को लेकर उन्हें धोखे में रखा गया।
दूसरी महिलाओं से संबंध रखने का आरोप
शिकायत के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद गिरधारी लाल साहू के व्यवहार में बदलाव आने लगा। रेखा आर्य ने आरोप लगाया कि उन्हें पति के अन्य महिलाओं के साथ कथित अवैध संबंधों की जानकारी मिली। FIR में कहा गया है कि इस संबंध में आपत्ति जताने पर पति ने शुरुआत में अपनी गलती स्वीकार करते हुए मौखिक और लिखित रूप से माफी मांगी थी। हालांकि, रेखा आर्य का आरोप है कि इसके बावजूद कथित तौर पर यह सिलसिला जारी रहा।
विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी
रेखा आर्य ने FIR में आरोप लगाया है कि पति के कथित संबंधों का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। उन्होंने जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि इन परिस्थितियों के कारण उन्हें अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है।
सरकारी आवास में स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप
FIR में आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने कई बार रेखा आर्य के सरकारी आवास पर मौजूद स्टाफ के सामने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें अपमानित किया। रेखा आर्य ने शिकायत में जातिगत अपमान को अपने साथ हुए उत्पीड़न का हिस्सा बताया है। इस मामले में SC-ST एक्ट की तीन धाराओं का भी उल्लेख किया गया है।
फर्जी हस्ताक्षर और दस्तावेजों से निदेशक पद से हटाने का आरोप
शिकायत में कंपनियों में निदेशक पद से हटाए जाने को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रेखा आर्य के मुताबिक, उनके पति ने कथित तौर पर कूटरचित हस्ताक्षरों और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में उन्हें निदेशक पद से हटाया हुआ दिखाया। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में उन्होंने न तो कोई दस्तावेज निष्पादित किया था और न ही कोई त्यागपत्र दिया था। FIR में इस मामले को कथित जालसाजी और धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों के रूप में शामिल किया गया है।
ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर हत्या की साजिश का आरोप
इस मामले में सबसे गंभीर आरोप एक ऑडियो रिकॉर्डिंग को लेकर लगाया गया है। FIR के मुताबिक, रेखा आर्य ने एक ऐसी ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलने का उल्लेख किया है, जिसमें कथित तौर पर गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत करते हुए उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई देते हैं। रेखा आर्य के अनुसार, ऑडियो सामने आने के बाद उन्हें अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता हुई। उन्होंने पुलिस से पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
FIR दर्ज होने के बाद रेखा आर्य ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो और पति से संबंधित ऑडियो पोस्ट किया। वीडियो में उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि ऑडियो ने उनके वैवाहिक रिश्ते और समर्पण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा, “सच्चाई और ईमानदारी के साथ रहने के बदले क्या ऐसा परिणाम मिलता है?” मंत्री के मुताबिक, ऑडियो सुनने के बाद उन्हें पुलिस में शिकायत देने का फैसला लेना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम उन्होंने अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाया है। महिलाओं से घरेलू अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए रेखा आर्य ने कहा, “महिला आम हो, महिला खास हो… घरेलू अत्याचार न सहना है, न सहना है, बल्कि उसे कहना है।” इस घटनाक्रम के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती हैं।
FIR में IPC की 10 और SC-ST एक्ट की तीन धाराएं
FIR में भारतीय दंड संहिता (IPC) की निम्नलिखित 10 धाराओं का उल्लेख है:
– धारा 120-B
– धारा 323
– धारा 420
– धारा 467
– धारा 468
– धारा 471
– धारा 495
– धारा 498-A
– धारा 504
– धारा 506
इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत निम्नलिखित धाराओं का उल्लेख किया गया है:
– धारा 3(1)(द)
– धारा 3(1)(ध)
– धारा 3(2)(va)
इन धाराओं का उल्लेख शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में किया गया है। आरोपों की पुष्टि और मामले में आगे की कानूनी स्थिति पुलिस की जांच तथा संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। फिलहाल मामला घरेलू उत्पीड़न, कथित वैवाहिक धोखाधड़ी, जातिगत अपमान, दस्तावेजों में कथित जालसाजी और हत्या की साजिश के आरोपों को लेकर चर्चा में है। इस मामले में सामने आए आरोपों और ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। खबर के अन्य अपडेट तथ्यों से भी पाठकों को निरंतर वाकिफ कराया जाएगा।



