कोटद्वार में अग्निशमन अधिकारी गिरफ्तार, अब तक 366 से अधिक भ्रष्ट कार्मिक भेजे जा चुके जेल
होटल की फायर एनओसी के लिए 20 हजार की रिश्वत मांगी, छह हजार लेते विजिलेंस ने दबोचा

Rajkumar Dhiman, Dehradun: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की कार्रवाई लगातार जारी है। बुधवार को विजिलेंस ने कोटद्वार के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी को छह हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने पौड़ी जिले के लैंसडाउन स्थित एक होटल की फायर एनओसी जारी करने के एवज में संचालक से 20 हजार रुपये की मांग की थी।
विजिलेंस के अनुसार, शिकायतकर्ता का लैंसडाउन में होटल है। होटल की फायर एनओसी के लिए प्रक्रिया के दौरान फायर स्टेशन कोटद्वार में तैनात प्रभारी अग्निशमन अधिकारी भूपेश त्यागी ने उससे 20 हजार रुपये मांगे। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था। उसने इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान से की। शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने मामले की गोपनीय जांच कराई। आरोप सही पाए जाने के बाद प्रकरण को ट्रैप कार्रवाई के योग्य माना गया और थाना सतर्कता सेक्टर देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद सतर्कता सेक्टर देहरादून की ट्रैप टीम ने बुधवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। टीम ने भूपेश त्यागी को शिकायतकर्ता से छह हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस के ब्रीफ नोट में उनका पदनाम प्रभारी अग्निशमन अधिकारी (लीडिंग फायरमैन) दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद मामले में अग्रिम वैधानिक और विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है।
366 गिरफ्तारियों का आंकड़ा पार, सीएम धामी जीरो टॉलरेंस पर दे रहे बल
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से विजिलेंस की कार्रवाई का आंकड़ा भी भ्रष्टाचार की समस्या की गंभीरता दर्शाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 27 अक्टूबर 2025 को बताया था कि राज्य गठन के बाद सतर्कता विभाग 339 भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर चुका है। वहीं, तब से अब तक यह आंकड़ा 366 को पार कर गया है।
दूसरी तरफ विजिलेंस के वर्ष 2025 के वार्षिक लेखाजोखे के अनुसार, उस साल 21 ट्रैप मामलों में विभिन्न विभागों के 26 आरोपितों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। इनमें छह राजपत्रित और 20 अराजपत्रित अधिकारी-कर्मचारी थे। कुल 5.94 लाख रुपये की रिश्वत बरामद की गई। वर्षभर हेल्पलाइन 1064 और वेबसाइट के माध्यम से 2209 शिकायतें मिलीं, जिनमें 470 शिकायतों में विजिलेंस से संबंधित पहलू सामने आया।
अक्टूबर 2025 के बाद भी विजिलेंस की कार्रवाई विभिन्न विभागों में जारी रही। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के संकलन में वन, स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस, जीएसटी, ऊर्जा, शिक्षा, बाल विकास और अन्य विभागों के कम से कम 27 अतिरिक्त सरकारी एवं विभागीय कार्मिकों की पहचान हुई है। इनमें 2026 में भी कई ट्रैप कार्रवाई शामिल हैं। चार नवंबर 2026 को कोटद्वार के अग्निशमन अधिकारी की गिरफ्तारी इस सिलसिले की ताजा कार्रवाई है।
2025 के बाद की प्रमुख गिरफ्तारियां
| तारीख | नाम/पद | विभाग एवं स्थान |
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| 28 अक्टूबर 2025 | दो वनकर्मी | वन विभाग, चंपावत |
| 4 नवंबर 2025 | आशुतोष त्रिपाठी | चिकित्सा अधिकारी, नैनीडांडा |
| 16 जनवरी 2026 | श्याम आर्य और गौरव शर्मा | जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय, हरिद्वार |
| 22 जनवरी 2026 | अमीन | राजस्व विभाग, उत्तरकाशी |
| 10 फरवरी 2026 | रणवीर सिंह | लीडिंग फायरमैन, कोटद्वार |
| 25 फरवरी 2026 | अनवर अहमद | एएसआई, ऊधम सिंह नगर |
| 25 फरवरी 2026 | प्रमोद सेमवाल | जीएसटी, हरिद्वार |
| 17 मार्च 2026 | अतुल कुमार | अवर अभियंता, यूपीसीएल |
| 25 मार्च 2026 | राखी सैनी | बाल विकास विभाग, रुड़की |
| 29 मार्च 2026 | नवीन नौटियाल | वन दरोगा, अल्मोड़ा |
| 2 अप्रैल 2026 | धनवीर सिंह बिष्ट | प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी, डोईवाला |
| 9 अप्रैल 2026 | ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक | उद्यान विभाग, किच्छा |
| 9 अप्रैल 2026 | हर सिंह बिष्ट | लेखाकार, लमगड़ा |
| 25 मई 2026 | दीपक सामंत | पुलिस कांस्टेबल, नैनीताल |
| 19 जून 2026 | संदीप कुमार | पीआरडी कर्मचारी, रुड़की |
| 29 जून 2026 | विवेक कुमार | कनिष्ठ अभियंता, जसपुर |
| 16 जुलाई 2026 | दीवानी नाजिर शाखा का कर्मचारी | बाजपुर न्यायालय |
| 24 जुलाई 2026 | धीरेंद्र सिंह पटवाल | परियोजना अधिकारी, उरेडा, बागेश्वर |
| 29 जुलाई 2026 | संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक | सितारगंज तहसील |
| 18 अगस्त 2026 | हरिओम यादव और कुलदीप | कृषि एवं युवा कल्याण विभाग, हरिद्वार |
| 26 सितंबर 2026 | निर्मल बोरा | पटवारी, धारी, नैनीताल |
| 10 अक्टूबर 2026 | सोनिया | एएसआई, रानीपुर, हरिद्वार |
| 4 नवंबर 2026 | भूपेश त्यागी | प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, कोटद्वार |



